चीन में आयोजित एससीओ बैठक के दौरान अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसपर किसी का ध्यान नहीं गया। लेकिन अब ये वायरल हो रहा है। मंच पर शी जिनपिंग अपनी पत्नी के साथ खड़े थे औऱ बैठक में आए सभी मेहमानों का स्वागत कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने पीएम मोदी का किया था और फिर पुतिन का किया था। लेकिन चीन से वीडियो वायरल में एक मुस्लिम देश के प्रधानमंत्री की पत्नी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इस मुस्लिम देश का नाम मलेशिया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि जिनपिंग ने बकायदा हाथ आगे भी बढ़ाया। लेकिन मलेशियाई प्रधानमंत्री की पत्नी ने हाथ मिलाने की बजाए अभिवादन का दूसरा तरीका अपनाया। इस वीडियो को कोई धार्मिक एंगल से देख रहा है तो कोई इसे कट्टरवाद से जोड़ रहा है। कोई इसे पाखंड भी बोल रहा है। भारत भी इस वीडियो को देखकर हैरान है। जिस देश के प्रधानमंत्री की पत्नी ने शी जिनपिंग से हाथ नहीं मिलाया। उसी देश ने भारत को भी परेशान कर रखा है।
दरअसल, चीन के तियांनजिन में शंघाई सहयोग सम्मेलन का समिट चल रहा था। परंपरा के मुताबिक शी जिनपिंग अपनी पत्नी के साथ एक एक कर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अंबर इब्राहिम ने जिनपिंग से हाथ मिलाया। इसके बाद जिनपिंग ने वान अजीजा की ओर अपना हाथ आगे बढ़ाया। मगर उन्होंने अपना हाथ जोड़कर सिर झुका लिया। जिनपिंग को मुस्कुराकर अपना हाथ पीछे करना पड़ा। हालांकि इब्राहिम अनवर और उनकी पत्नी दोनों ने जिनपिंग की पत्नी के साथ हाथ मिलाया।
अनवर इब्राहिम की पत्नी वान अजीजा हिजाब पहने हुई थी। यही वजह है कि मलेशियाई पीएम की पत्नी के अभिवादन स्टाइल को कट्टरवाद के नजरिए से देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये सब उसी एससीओ समिट में हुआ जहां प्रगतिवाद की बात हुई। जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से लेकर इनोवेशन और डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा हुईय़ उसी एससीओ समिट से ऐसी तस्वीरें भी आई हैं। मलेशिया ने ही भगौड़े जाकिर नाइक को रहने का ठिकाना दे रखा है। मलेशिया ने ही कुछ दिन पहले अपने देश में 130 साल पुराने मंदिर को हटाकर मस्जिद बनानी शुरू कर दी। मलेशिया लगातार भारत विरोधी बयान भी देता आया है। आपको बता दें कि मलेशिया अपने कड़े इस्लामिक नियमों के लिए जाना जाता है।
Malaysia’s First Lady skips handshake with Xi Jinping over Sharia rules on men-women contact, but PM Anwar Ibrahim shakes hands with China’s First Lady Peng Liyuan. 👀 pic.twitter.com/pe8xKOXzZF