एयरपोर्ट पर जाकर लोग कई बार खाना खाने से कतराते है क्योंकि वहां किसी भी प्रोडक्ट की कीमत कई गुणा अधिक होती है। एक कप चाय जो बाहर 10 से 15 रुपये में मिलती है वो चाय एयरपोर्ट पर 100 रुपये से कम में नहीं आती। लोगों को कुछ खाने के लिए कई गुणा अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
इस अधिक कीमत से राहत पहुंचाने के लिए अब एक यात्री कैफे की शुरुआत की गई है जो कि हवाईअड्डे पर खोला गया है। देश का पहला और एकमात्र ‘उड़ान यात्री कैफे’ कोलकाता एयरपोर्ट पर बनाया गया है। इस कैफे ने एक महीने में ही यात्रियों के बीच अपनी पैठ जमा ली है, क्योंकि पहले महीने में ही यहां प्रतिदिन करीब 900 लोग आते हैं। उड़ान यात्री कैफे में यात्री मात्र 10 रुपये में चाय पी सकते हैं, जबकि इस सुविधा के अंदर अन्य दुकानें यही पेय कई गुना अधिक कीमत पर बेचती हैं।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रवक्ता ने यहां पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘कैफे में प्रतिदिन करीब 900 लोग आते हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही है।’’ इसका मतलब यह है कि शहर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे के प्रस्थान क्षेत्र में स्थित इस कैफे ने एक महीने में लगभग 27,000 यात्रियों को सेवा प्रदान की है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, जिन्होंने पिछले वर्ष 21 दिसंबर को कोलकाता हवाई अड्डे के शताब्दी समारोह के दौरान कैफे का उद्घाटन किया था, यात्रियों से मिल रही प्रतिक्रिया से काफी प्रभावित हैं। नायडू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जब से मैंने नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में शपथ ली है, मेरा मिशन हर भारतीय के लिए हवाई यात्रा को अधिक किफायती और सुलभ बनाना है। कोलकाता हवाई अड्डे पर उड़ान यात्री कैफे, भारत का पहला किफायती भोजन आउटलेट, उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
सोमवार को मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, “एक महीना पूरा होने पर मैं यात्रियों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से बहुत प्रभावित हूँ। यह पहल हर यात्री के लिए यात्रा को आसान बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” नायडू ने कोलकाता एयरपोर्ट के 100 साल पूरे होने और कैफे का उद्घाटन करने के लिए कोलकाता की अपनी यात्रा का एक वीडियो भी पोस्ट किया।एनएससीबीआई एयरपोर्ट के सूत्रों ने बताया कि एक निजी कंपनी द्वारा संचालित कैफे में यात्री 10 रुपये में पानी की बोतल खरीद सकता है, जबकि कॉफी, एक मिठाई और एक समोसा 20 रुपये में मिल सकता है।
सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि अन्य हवाई अड्डों पर भी ऐसे कम लागत वाले कैफे खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में यात्रियों द्वारा हवाई अड्डे के टर्मिनल भवनों के अंदर खाद्य पदार्थों के अधिक दाम की शिकायत किए जाने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एएआई के साथ मिलकर कैफे की स्थापना की है।
देश भर में हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में एयरलाइन यात्रियों के एक महत्वपूर्ण प्रतिशत ने कहा कि हवाई अड्डों पर बेचे जाने वाले खाद्य और पेय पदार्थ “अत्यधिक” महंगे हैं, और कुछ को तो रेस्तरां, संगठित खुदरा दुकानों और रेलवे स्टेशनों की तुलना में 200 प्रतिशत से भी अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।