![]()
Breaking News
📰 कलेक्टरेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला…
📰 जनपद में बहुप्रतीक्षित जिला कारागार निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी…
📰 कलेक्टरेट सभागार में बुधवार को सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों एवं निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों का…
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव हुआ…
कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ अभ्यास मुकाबले में भारतीय टीम ने 207 रन…
विश्व की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को अमेरिकी ओपन से पहले बड़ा…
बार्सिलोना के स्टार मिडफील्डर फ्रेंकी डी योंग की चोट अब क्लब के लिए बड़ी चिंता…
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था…
रोहित शर्मा के 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज…
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का पुरजोर तरीके से बचाव करते…
श्रेयस अय्यर ने अपने हाल ही में दिए इंटरव्यू में कई अहम बाते कही हैं। पिछले साल अय्यर के लिए काफी संघर्ष भरा रहा। पहले उन्हें टीम इंडिया से बाहर किया गया और फिर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी रद्द कर दिया गया। अय्यर ने इन सभी चीजों को एक चुनौती के रूप में लिया और मजबूती के साथ वापसी की।
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में श्रेयस अय्यर ने अपने दिल की बात कही। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें तथाकथित तकनीकी कमी को लेकर बनी धारणाओं से लड़ना पड़ा, उन्हें टाइपकास्ट किया गया और विश्व कप नायक बनने के कुछ महीनों के भीतर री उनका सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया गया। लेकिन अय्यर इन सबके बावजूद अडिग रहे और अपनी ईमानदारी और सुलझे हुए दिमाग पर भरोसा जताते हुए वह आगे बढ़े। उन्हें इसके बदले में अच्छा अनुभव भी मिला। पिछले कुछ समय से वह चौथे नंबर पर भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बने और कप्तान रोहित शर्मा ने कुछ दिन पहले चैंपियंस ट्रॉपी में मिली खिताबी जीत के बाद उन्हें मौन नायक करार दिया।
शॉर्ट गेंद के खिलाफ उनकी कमजोरी को लेकर पूछे जाने पर श्रेयस अय्यर ने कहा कि, शायद ऐसी धारणा बनाई गई थी या मुझे टाइपकास्ट किया गया। लेकिन मुझे हमेशा से अपनी ताकत और क्षमता पता थी और खुद पर भरोसा था।
पिछले आठ वनडे में उन्होंने चौथे नंबर पर 53 की औसत से रन बनाए हैं। इस बारे में उन्होंने कहा कि, खेल बदलता रहता है। लिहाजा खिलाड़ी को लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करना होता है। मुझे खुशी है कि मैं पॉजिटिव सोच के साथ खेल सका और अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखा।
