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Team India की करारी हार का Gautam Gambhir ने बताया ‘असली कारण’, बोले- टीम बदलाव के दौर में

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे अंतरराष्ट्रीय टी-20 मुकाबले में मिली 125 रन की करारी हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने माना कि टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार भी रही है।
बता दें कि इस हार के साथ पांच मैचों की श्रृंखला में इंग्लैंड ने 2-0 की बढ़त बना ली है। अब भारत के लिए अगला मुकाबला करो या मरो जैसा हो गया है। यदि भारतीय टीम अगला मैच नहीं जीतती है तो श्रृंखला उसके हाथ से निकल जाएगी।
हार के बाद गौतम गंभीर ने कहा कि केवल आक्रामक बल्लेबाजी ही हर परिस्थिति का समाधान नहीं होती। उन्होंने कहा कि किसी भी टी-20 मुकाबले में मैदान का आकार, हवा की दिशा और पिच का व्यवहार जैसे छोटे-छोटे पहलू भी बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। इसलिए बल्लेबाजों को हर मैच में हालात को समझकर अपनी रणनीति बनानी चाहिए।
गंभीर का मानना है कि जब पूरी बल्लेबाजी इकाई एक साथ अधिक जोखिम लेकर खेलने की कोशिश करती है तो टीम जल्दी दबाव में आ सकती है। उन्होंने कहा कि मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाजों को जिम्मेदारी के साथ पारी संभालनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर लंबे समय तक टिककर बल्लेबाजी करनी चाहिए। उनके अनुसार यही कमी इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में साफ दिखाई दी है।
उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इसी साल जीते गए पुरुष टी-20 विश्व कप के दौरान भारतीय टीम ने बेहतर संतुलन के साथ बल्लेबाजी की थी। उस समय शीर्ष क्रम तेजी से रन बना रहा था, जबकि चौथे और पांचवें नंबर के बल्लेबाज पारी को संभालने और अंत तक ले जाने का काम कर रहे थे। गंभीर के अनुसार इस संतुलन की कमी अब टीम में महसूस हो रही है।
गौरतलब है कि मौजूदा भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को लगातार अवसर दिए जा रहे हैं। गौतम गंभीर ने कहा कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी टीम के लिए पारी की शुरुआत कर रहे हैं। वहीं प्रिंस यादव अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल रहे हैं और हर्षित राणा चोट से वापसी के बाद टीम का हिस्सा बने हैं। ऐसे में केवल नतीजों के आधार पर खिलाड़ियों का आकलन करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जब किसी टीम में बड़े बदलाव किए जाते हैं तो खिलाड़ियों को खुद को स्थापित करने और अनुभव हासिल करने के लिए समय देना जरूरी होता है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने से युवा खिलाड़ियों को सीखने का मौका मिलता है और भविष्य में यही अनुभव उनके काम आएगा।
इस दौरान गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले सैमसन हाल के मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बना सके हैं। हालांकि उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली है, लेकिन गंभीर ने कहा कि उन्होंने सैमसन से इस विषय पर खुलकर बातचीत की है। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी खिलाड़ी के लिए वापसी के दरवाजे कभी बंद नहीं होते और यदि प्रदर्शन अच्छा रहता है तो वह फिर से टीम में शामिल हो सकता है।
अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबले पर होगी, जो ब्रिस्टल में खेला जाएगा। श्रृंखला में बने रहने के लिए भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। ऐसे में युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ अनुभवी बल्लेबाजों पर भी बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है।

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