🌍 बलिया: प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के ‘बलिया के बहुते से लोगों’ को लेकर दिए गए बयान पर विवाद जारी है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने मंत्री का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि संजय ने इनाम तक घोषित कर दिया है।
🗣️ समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि मंत्री का बयान केवला राजनीतिक उद्दंडता नहीं, बल्कि बलिया की एतिहासिक अस्मिता पर चोट है। सांसद ने कहा कि “मंत्री जी को बलिया का नाम लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने से पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए। अगर उन्हें जानकारी नहीं है, तो बेहतर है कि वह किसी जानकार से पूछ लें। इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति का यह बयान निंदनीय ही नहीं, शर्मनाक है।”
📢 सांसद ने कहा कि मंत्री को तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। “अगर मंत्री में नैतिकता है तो स्वयं पद छोड़ दें। अगर नहीं, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनसे इस्तीफा मांगना चाहिए। यह राजनीतिक बयान नहीं, एतिहासिक सच्चाई और जनसम्मान का प्रश्न है।”
🏛️ उधर, कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बांसडीह कोतवाल को तहरीर सौंपी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मंत्री निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पाठक ने अपनी तहरीर में बताया कि कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के ‘दलाल’ शब्द के प्रयोग से जनपद के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। उन्होंने बलिया के गौरव मंगल पांडे, चित्तू पांडे, हजारी प्रसाद द्विवेदी, आचार्य परशुराम चतुर्वेदी और पूरव प्रधानंत्री चंद्रशेखर जैसी महान विभूतियों का उल्लेख किया। पाठक के अनुसार, मंत्री ने अपने बयान से पूरे जनपद को बदनाम किया है और जनमानस में आक्रोश व्याप्त है।
⚖️ हालांकि, इस मामले में अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई होने की सूचना नहीं मिली है।
🔍 इस बीच, बलिया के करणी सेना जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा – “अगर मेरे सामने मंत्री संजय निषाद आ गए तो राख लगाकर उनकी जुबान खींच लूंगा। अगर नौजवान कोई उनकी जुबान खींचकर लाता है कि उसे 5 लाख 51 हजार का इनाम दूंगा। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए बलिया के करणी सेना जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने मंत्री संजय निषाद पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने मंत्री निषाद पर आरोप लगाते हुए कहा- जो व्यक्ति खुद टिकट बेचकर पैसा कमाता है और निषाद वंश को गुमराह कर दलाली करता है, वह बलिया जैसे एतिहासिक जनपद को ‘दलाल’ कह रहा है। कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद 29 नवंबर को बलिया के बांसडीह में निषाद पार्टी के कार्यक्रम में पहुंचे थे। सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा था कि ‘बलिया के लोग अंग्रेजों के दलाल बहुत थे और दलाली का सिस्टम अभी भी चल रहा है। इसीलिए बलिया अभी बर्बाद है। नहीं तो बलिया ‘बागी बलिया’ था। अंग्रेजों को मारकर भगाया था। देश को आजाद कराया था।’
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