📰 बलिया। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को गंगा बहुद्देशीय सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री दयालु ने फीता काटकर, भगवाना गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन कर किया।
🎉 इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए लगभग 40 स्टालों का क्रमवार निरीक्षण किया। कार्यक्रम में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बलिया जनपद पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया, साथ ही उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।
📜 प्रभारी मंत्री दयालु ने उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में देश में पहले तीन प्रेसिडेंसी—कोलकाता, मद्रास और मुंबई—थीं। बाद में दो बड़े क्षेत्रों को मिलाकर चौथी प्रेसिडेंसी बनाई गई और 1 अप्रैल 1937 को पहली बार उत्तर प्रदेश अस्तित्व में आया। स्वतंत्रता के बाद 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश को राज्य का दर्जा मिला, इसी कारण 24 जनवरी को प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी आबादी लगभग 25 करोड़ है।
🌍 जिस वर्ष देश में गणतंत्र लागू हुआ, उसी वर्ष उत्तर प्रदेश को राज्य की मान्यता मिली। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भगवाना गौतम बुद्ध की पवित्र उपदेश स्थली, काशी जैसे विश्व के सबसे प्राचीन जीवित नगर, अयोध्या जैसी देवभूमि तथा जैन तीर्थंकरों की प्रमुख जन्मस्थली रहा है।
📚 प्रभारी मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका ऐतिहासिक रही है। चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी इसी धरती से निकले। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति, बेहतर सड़के, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, विश्व विद्यालय और 16 कार्यरत एयरपोर्ट हैं, जिनमें के अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं।
🚀 केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, मुफ्त राशन वितरण और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि चावल, गेहूं, मक्का और आलू के उत्पादन में उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर है।
🔍 आज प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और पूरे देश के लिए विकास का मॉडल बन रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को भगवाना राम और भगवाना कृष्ण की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि काशी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे धार्मिक केंद्र प्रदेश की विशेष पहचान हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बीते आठ वर्षों में बलिया विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जनपद मुख्यालय तक जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही बलिया जनपद में कत्थल नाला के निर्माण कार्य को भी गति दी जा रही है।
🏛️ उन्होंने जानकारी दी कि जनपद को मेडिकल कॉलेज की अनुमति मिल चुकी है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन बलिया को विकास के नए आयाम देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जनता के सहयोग से बलिया एक नए स्वरूप में आगे बढ़ेगा और प्रदेश तथा देश के विकास में अपना पूर्ण योगदान देगा।
🛍️ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए सूचनात्मक स्टॉल
🎪 सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सूचना एवं जागरूकता के लिए स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से आमजन को सरकार की योजनाओं, सेवाओं और लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।
📈 कार्यक्रम में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, भूमि संरक्षण, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, आयुष विभाग (होम्योपैथिक), उद्योग विभाग, खाद्य एवं ग्रामोद्योग, पीएम सूर्य घर/नौएडा विभाग, आईसीडीएस, डूडा विभाग, एनआरएलएम/ग्राम्य विकास विभाग, जल जीवन मिशन (ग्रामीन एवं शहरी), बैंक, सूचना विभाग, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, यातायात पुलिस, विद्युत विभाग, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर विकास विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, श्रम विभाग, परिवहन विभाग, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, कौशल विकास एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, प्रोबेशन विभाग, सहकारिता विभाग, लघु सिंचाई विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के स्टॉल शामिल रहे। इस कार्यक्रम में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, जिला अधीक्षक संजय मिश्रा, नारद राय, पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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