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ट्रांसजेंडर महिलाएं नहीं ले पाएंगी ओलंपिक में हिस्सा, पेरिस खेलों में हुआ था विवाद

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने ट्रांसजेंडर महिलाओं और डिफरेंसेज इन सेक्स डेवलपमेंट एथलीटों को ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने पर रोक लगा दिया। इस फैसले की घोषणा करते हुए आईओसी के अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा कि जैविक रूप से पुरुषों का महिला वर्ग में हिस्सा लेना सही नहीं होगा। आईओसी ने ये भी कहा कि ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने वाली एथलीट्स को एक बार एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग करवानी होगी। ये बायोलॉजिकल महिलाओं पर भी लागू होगा। 
आईओसी ने कहा कि एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग लार, गाल के स्वैब या ब्लड सैंपल से की जाएगी। उसे उम्मीद है कि सभी अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन और नेशनल ओलंपिक कमेटियां, साथ ही कॉन्टिनेंटल एसोसिएशन भी इस पॉलिसी को अपनाएंगे और लागू करेंगे। ज्यादा टेस्टोस्टेरोन लेवल या एक्सवाई क्रोमोसोम वाले एथलीटों के हिस्सा लेने से 2024 पेरिस ओलंपिक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। 
 
अल्जीरिया के बॉक्सर ईमान खलीफ और चीनी ताइपे की बॉक्सर लिन यू-टिंग ने अपनी-अपनी कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीते। दोनों बॉक्सरों पर खेलों से पहले जेंडर टेस्ट में फेल होने का आरोप लगा था। खलीफ खासकर तब चर्चा में आए जब इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन ने दावा किया कि अल्जीरियाई बॉक्सर नई दिल्ली में 2023 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान जेंडर टेस्ट में फेल हो गए थे। 
एक दशक से ज्यादा समय से अंतर्राष्ट्रीय खेल महिला कैटेगरी में ट्रांसजेंडर और डीएसडी एथलीटों की भागीदारी के मुद्दे से जूझ रहे हैं। 2021 में न्यूजीलैंड की वेटलिफ्टर लॉरेज हबर्ड ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला बनीं। आईओसी ने गुरुवार को ओलंपिक में महिला कैटेगरी को बचाने के लिए एक नई पॉलिसी में इन फैसलों की घोषणा की। वैश्विक निकाय ने कहा कि उसने प्रभावित एथलीटों के साथ व्यक्तिगत तौर पर परामर्श किया था और आईओसी की एथलीट कमेटी से सलाह ली थी। साथ ही साइंस, इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन की पॉलिसी और कानून पर गौर किया था।  

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