Breaking News

Lionel Messi का शानदार Comeback, Penalty पर दागा गोल और बनाया Argentina का ऐतिहासिक Record

विश्व कप की तैयारियों के बीच अर्जेंटीना के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने चोट से वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और आइसलैंड के खिलाफ अपनी टीम की 3-0 की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मुकाबले में मेसी ने न केवल गोल किया बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार लियोनेल मेसी हाल ही में मांसपेशियों की समस्या के कारण टीम से बाहर चल रहे थे। इसी वजह से वह होंडुरास के खिलाफ अभ्यास मुकाबले में भी नहीं खेल सके थे। हालांकि आइसलैंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने दूसरे हाफ में मैदान पर उतरकर यह संकेत दे दिया कि वह विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि मेसी को मुकाबले के 70वें मिनट में मैदान पर उतारा गया था। उनके आने के कुछ ही समय बाद अर्जेंटीना को पेनाल्टी मिली, जिसे मेसी ने गोल में बदलकर टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। यह गोल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 117वां गोल था। उन्होंने यह उपलब्धि अपने 199वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हासिल की है।
इस गोल के साथ मेसी ने अर्जेंटीना फुटबॉल इतिहास का एक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। 38 वर्ष, 11 महीने और 14 दिन की उम्र में गोल करने वाले वह अर्जेंटीना के सबसे उम्रदराज गोलकरने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड एंजेल लाब्रुना के नाम था, जिन्होंने वर्ष 1957 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
बता दें कि मुकाबले की शुरुआत से ही अर्जेंटीना का दबदबा देखने को मिला। टीम के लिए पहला गोल वैलेंटिन बार्को ने आठवें मिनट में किया। आइसलैंड की रक्षापंक्ति द्वारा गेंद को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाने का फायदा उठाते हुए बार्को ने शानदार प्रहार किया और टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।
मेसी के गोल के बाद अर्जेंटीना का आत्मविश्वास और बढ़ गया। मुकाबले के अंतिम चरण में मेसी ने एक महत्वपूर्ण पास भी दिया, जिससे बने आक्रमण के दौरान थियागो अल्मादा ने 87वें मिनट में तीसरा गोल दाग दिया। इस तरह अर्जेंटीना ने 3-0 की एकतरफा जीत दर्ज की।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार अर्जेंटीना ने पूरे मुकाबले में 63 प्रतिशत समय तक गेंद अपने कब्जे में रखी। टीम ने कुल 15 बार गोल पर प्रयास किए, जबकि आइसलैंड केवल छह प्रयास ही कर सका। साथ ही अर्जेंटीना ने विपक्षी टीम को कोई गोल नहीं करने दिया और मुकाबला बिना गोल खाए खत्म किया।
गौरतलब है कि यह मुकाबला अर्जेंटीना के ‘रोड टू 26’ तैयारी अभियान का अंतिम अभ्यास मैच था। विश्व कप से पहले टीम ने उत्तरी अमेरिका के बड़े स्टेडियमों में कई अभ्यास मुकाबले खेले हैं। इन मैचों का उद्देश्य खिलाड़ियों की फिटनेस परखना, नई रणनीतियों को आजमाना और टीम संयोजन को अंतिम रूप देना था।
अर्जेंटीना की टीम वर्ष 2022 में विश्व चैंपियन बनी थी और अब उसका लक्ष्य लगातार दूसरी बार खिताब जीतना है। यदि टीम ऐसा करने में सफल रहती है तो वह वर्ष 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी भी इन अभ्यास मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों को घुमाकर खिलाते रहे हैं ताकि सभी खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट से पहले पूरी तरह तैयार रह सकें।
विश्व कप के शुरुआती चरण में अर्जेंटीना को अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन जैसी टीमों का सामना करना है। ऐसे में मेसी की फिटनेस और शानदार लय टीम के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकती है। उनकी वापसी ने न केवल टीम प्रबंधन बल्कि लाखों प्रशंसकों का भी भरोसा मजबूत कर दिया है।

Loading

Back
Messenger