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Manik Saha ने पूरा किया वादा: Judo Star Asmita Dey को मिला 10 लाख का Check और अगरतला में अपना घर

त्रिपुरा की युवा जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली अस्मिता का अगरतला में अपना घर बनाने का सपना अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपना पुराना वादा निभाते हुए राज्य सरकार की ओर से उन्हें घर बनाने के लिए जमीन आवंटित कर दी है।
23 वर्षीय अस्मिता डे को त्रिपुरा सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उन्हें 10 लाख रुपये का चेक दिया गया। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने समारोह में अस्मिता की मेहनत और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना उनके लिए आसान नहीं था।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अस्मिता दक्षिण त्रिपुरा के एक छोटे से गांव से आती हैं। उनके पिता सोनाइचारी में साइकिल मरम्मत का काम करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अस्मिता ने जूडो में अपनी पहचान बनाई और आखिरकार राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
गौरतलब है कि ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में अस्मिता ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कनाडा की हेइडी क्वाच को रोमांचक मुकाबले में हराया। मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद अतिरिक्त समय में फैसला हुआ और अस्मिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडो खिलाड़ी बन गईं।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि खेलों से लौटने के बाद नई दिल्ली स्थित त्रिपुरा भवन में उनकी अस्मिता से मुलाकात हुई थी। इसी दौरान अस्मिता ने अगरतला में अपना घर बनाने की इच्छा मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। साहा ने उस समय उनकी इच्छा पूरी करने का भरोसा दिया था। अब राज्य सरकार ने अगरतला में जमीन आवंटित कर अपना वादा पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्मिता की सफलता त्रिपुरा के दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। उनका मानना है कि राज्य के छोटे शहरों और गांवों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी सही मेहनत और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
बता दें कि अब अस्मिता के सामने अगली बड़ी चुनौती एशियाई खेलों की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें तैयारी के दौरान अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी है। खास तौर पर उन्होंने खान-पान को लेकर सावधानी बरतने को कहा, क्योंकि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले खिलाड़ियों को कड़े प्रतिबंधित पदार्थ जांच से गुजरना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अस्मिता एशियाई खेलों में भी देश के लिए पदक जीतेंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता के बाद अस्मिता के सामने अब खुद को अगले स्तर पर साबित करने का मौका है।
सम्मान समारोह में युवा मामले और खेल मंत्री टिंकू रॉय, अगरतला के महापौर दीपक मजूमदार और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जिम्नास्ट दीपा करमाकर भी मौजूद रहीं। अस्मिता की उपलब्धि को त्रिपुरा के खेल इतिहास की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

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