भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा सोमवार से शुरू हो रही कॉमन वेल्थ गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में एक्शन में नजर आएंगे। यहां उनका मुकाबला मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम और श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे से होगा।
आज के युवा एथलीट निडर हैं
मीडिया से बात करते हुए नीरज चोपड़ा ने कहा, “मुकाबला अब काफी कड़ा हो गया है, जो कि एक बहुत अच्छी बात है। इससे हर खिलाड़ी को कुछ बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। सबसे बड़ी बात यह है कि आज के एथलीट बिल्कुल निडर हैं। पहले के समय में विदेशी खिलाड़ियों के सामने खेलते वक्त थोड़ी झिझक और मन में शक रहता था। लेकिन अब युवाओं को खुद पर पूरा भरोसा है, वे कड़ी मेहनत करते हैं और आत्मविश्वास से मैदान में उतरते हैं, इसीलिए आज इतने सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं।”
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कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद क्या?
आगामी प्रतियोगिताओं के बारे में बात करते हुए नीरज ने बताया, “कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद आगे डायमंड लीग, अल्टीमेट चैंपियनशिप और फिर एशियन गेम्स जैसे कई बड़े टूर्नामेंट्स होने हैं, इसलिए शेड्यूल काफी बिजी है। मेरा पूरा ध्यान लगातार अच्छा प्रदर्शन करने, अपनी फिटनेस बनाए रखने और हर मैच के लिए पूरी तरह से तैयार रहने पर है।”
दूरी का प्रेशर नहीं, लगातार बेहतर प्रदर्शन ही टारगेट
90 मीटर या किसी खास दूरी के दबाव पर नीरज ने कहा, “मैं किसी तय दूरी को लेकर खुद पर फालतू दबाव नहीं बनाता। लेकिन एक खिलाड़ी होने के नाते, मैं हमेशा अपने थ्रो को और बेहतर बनाने के बारे में सोचता रहता हूं। मेरे लिए सबसे जरूरी है कंसिस्टेंसी। मेरा पूरा ध्यान इसी बात पर है कि मैं हर मैच के साथ धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन को सुधारूं और नया मुकाम हासिल करूं।”
#WATCH | Glasgow: Javelin Thrower Neeraj Chopra says, “… I don’t put pressure on myself over a specific distance. But as an athlete, I’m always thinking about improving my throws… The key is to stay consistent. That’s my focus—maintaining consistency while steadily improving… pic.twitter.com/xZyEkHpwe9
— ANI (@ANI) July 26, 2026
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चोट के बाद धमाकेदार वापसी की तैयारी में नीरज
नीरज सितंबर 2025 से ही कमर के दर्द से जूझ रहे थे। इसी वजह से उन्होंने इस सीजन की देर से शुरुआत की और अपना पहला मैच 19 जून को दोहा डायमंड लीग में खेला था, जहां वे 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे नंबर पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में एक महीने तक रिहैबिलिटेशन और ट्रेनिंग पर ध्यान दिया। अब 28 साल के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों जैसा इतिहास दोहराना चाहते हैं, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।