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T20 World Cup: भारत-पाकिस्तान महामुकाबले पर सियासी संकट, Knockout मैच भी हो सकता है रद्द

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के बहिष्कार के अपने सरकारी फैसले पर चुप्पी साध रखी है। वहीं, एक विश्वसनीय सूत्र ने स्वीकार किया कि शीर्ष स्तर से आ रहे निर्देशों का पालन करने के अलावा पीसीबी के पास कोई विकल्प नहीं है। इस घटनाक्रम के बीच, राष्ट्रीय टीम 7 फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में अपने बाकी मैच खेलने के लिए कोलंबो रवाना हो गई। पीसीबी के एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि अगर टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के दौरान कट्टर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ कोई और मैच निर्धारित होता है, तो बोर्ड सरकारी निर्देशों का पालन करेगा।
 

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सूत्र ने बताया कि सरकार ने बोर्ड को सूचित कर दिया है कि राष्ट्रीय टीम 15 फरवरी को भारत के खिलाफ नहीं खेलेगी और विश्व कप में अंक गंवा देगी। यदि पाकिस्तान को नॉकआउट चरण में भारत के खिलाफ खेलना पड़ता है, तो उस समय सरकार द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का बोर्ड पालन करेगा। यदि भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का निर्णय वापस नहीं लिया जाता है, तो पाकिस्तान का अभियान 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ शुरू होगा, इसके बाद 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मैच होंगे।
वहीं, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोमवार को कहा कि टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच के बहिष्कार के गंभीर परिणाम की पाकिस्तान को चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सही किया। पाकिस्तान के फैसले की जानकारी आधिकारिक सरकारी बयान के मार्फत मिली जिसे टूर्नामेंट से बांग्लादेश को बाहर किये जाने के राजनीतिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। आईसीसी ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने से इनकार किया था। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेता दिया है कि इस मैच के बहिष्कार के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और यह फैसला खेल के हित में नहीं है। 
 

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शुक्ला ने पत्रकारों से कहा कि आईसीसी ने इस मामले पर बड़ा बयान दे दिया है। इसमें खेल भावना की अहमियत को बताया गया है। हम आईसीसी से सहमत हैं। जब तक आईसीसी से बात नहीं हो जाती, बीसीसीआई कोई बयान नहीं देगा। विवाद की शुरूआत बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर आईपीएल से बाहर करने के फैसले के बाद हुई। इसके बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से भारत आने से इनकार कर दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह शर्मनाक है कि दोनों तरफ खेल का राजनीतिकरण हो रहा है। मुझे नहीं लगता कि मुस्ताफिजुर का कोलकाता में खेलने का करार रद्द किया जाना चाहिये था। यह राजनीति का दुर्भाग्यपूर्ण दखल है।

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