🌟 सहतवार, बलिया। सहतवार थाना क्षेत्र में 10 साल के बालक अभिषेक प्रजापति का शव सरयू नदी से बरामद होने के बाद परिवार के लोगों ने सोमनाथ को भी प्रदर्शित किया। परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की अपहरण करके हत्या की गई है। उनका कहना था कि बालक का अपहरण 25 जनवरी को हुआ और 31 जनवरी शाम को घर से पांच किलोमीटर दूर भोज छपरा गांव के सामने सरयू नदी में मिला। शव मिलने के बाद मृतक की मां आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हुए कहा है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो अभिषेक की जान बचाई जा सकती थी। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सहतवार थाने पर पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
🚔 मृतक अभिषेक के पिता चंदन प्रजापति ने बताया कि 25 जनवरी को अभिषेक सहतवार (सिंघही) स्थित अपने घर से डेरे पर जाने के लिए निकला था। इसके बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। पिता ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें कुछ पता नहीं चल रहा है कि क्या हो रहा है। पुलिस के खिलाफ लगाए नारे
📢 रविवार को भी परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया। सिंघही निवासी समाज सेवक सत्तेन्द्र कुंवर ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण अभिषेक को नहीं बचाया जा सका, जिसकी हत्या कर शव को गायब किया गया था। 25 जनवरी की रात दर्ज हुआ था केस मृतक के अभिषेक के चाचा गणेश प्रजापति ने 25 जनवरी की देर रात में ही थाने में पहंुचकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। जानकारी के अनुसार शनिवार की सायं सरजू नदी में शव उतराने की सूचना ग्रामीणों द्वारा सहतवार पुलिस व परिजन को दी। पुलिस द्वारा तुरन्त तत्त्परता दिखाते हुए सरजू नदी पहंुचे। जहां ग्रामीणों के सहयोग से शव की शिनाख्त सिंघही निवासी चंदन प्रजापति के बेटे अभिषेक प्रजापति के रूप में हुई।
🕵️♂️ थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने इस घटना के बाद पूरे गांव में सामन्य स्थिति बनाने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है। इधर, रवीवार की दोपहर मृतक अभिषेक के परिजन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सहतवार थाने पहुंंचे तथा पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी के साथ ही हत्यारों को फांसी दो इत्यादि नारे लगाए।
👀 स्थिति को बिगड़ते देख एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, क्षेत्राधिकारी जयशंकर प्रसाद, थानाध्यक्ष बांसडीह प्रवीण सिंह, खेजुरी थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार, मनियर थानाध्यक्ष कौशल पाठक, सदल बल पहुंंचे तथा परिजनों सहित ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। इधर, मृतक की मां आशा देवी तथा बहनें नेहा, कोमल, पलक का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
![]()

