📰 बलिया: बांसडीह में संदीप रमाशंकर राजभर विद्यार्थी ने केंद्र सरकार के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट पर वीडियो बयान जारी कर बजट को निराशाजनक बताया और आम जनता विरोधी करार दिया।
📉 संदीप ने कहा कि यह बजट देश के पांच प्रतिशत उद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है, जबकि किसान, नौजवान, मजदूर और मध्यम वर्ग पूरी तरह उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बजट आते ही शेयर बाजार 1800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जो इस बात का संकेत है कि सरकार की आर्थिक नीतियों पर खुद बाजार को भरोसा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया—“पूरे देश को बाजार और दुकान बना दोगे, तो खरीदार कहां से आएगा?”
💬 संदीप रमाशंकर राजभर ने कहा कि देश का नौजवान हर तरफ से तकलीफी स्थिति में है, लेकिन उसे कहीं नौकरी नहीं मिल रही। यह बजट युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनके साथ खुला धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश को कर्जदार बनाने की दिशा में ले जा रही है, जबकि रोजगार सृजन पर कोई ठोस योजना नहीं है।
📊 संदीप ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन बजट में इस पर कोई ठोस चर्चा नहीं है। उद्योग लगाने के लिए कर्ज बांटे जा रहे हैं, लेकिन किसान आज भी अपनी फसल और लागत के बीच जूझ रहा है। उन्होंने सवाल किया—“गरीब आदमी को कितने दिन सिर्फ राशन पर जिंदा रखा जाएगा?” कहा कि इनकम टैक्स देने वालों को भी कोई राहत नहीं दी गई। यहां तक कि घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर भी कोई बड़ी राहत नहीं दी गई, जिससे आम को आदमी को महंगाई से निजात मिल सके।
📈 संदीप ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की अनदेखी के कारण आम लोग प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं। बजट में यह साफ नहीं है कि कितने नए अस्पताल खुलेंगे और डॉक्टर कहां से लाएंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यह बजट आम जनता को कोई राहत नहीं देता। इस बजट से आम आदमी को कोई सीधी राहत नहीं मिलने वाली और इससे देश की सामाजिक-आर्थिक खाई और गहरी होगी।
🔍 सपा नेता रामगोविंद चौधरी ने भी बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट को यदि बारीकी से देखा जाए, तो समाज के उन स्तंभों के लिए निराशा अधिक दिखती है जो देश की अर्थव्यवस्था की नींव रखते हैं।
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