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बीते रविवार को भारत ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर इतिहास रच दिया है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की लीडरशिप में भारत की नेशनल टीम ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई है। ये जीत ऐतिहासिक थी क्योंकि भारत ने लगातार दूसरी बार टाइटल को बचाया और पहली बार अपने घर में वर्ल्ड चैंपियन भी बना। इस जीत के बाद टीम को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से एक बड़ी प्राइज मनी भी मिली लेकिन भारतीय टैक्स कानूनों के तहत इस प्राइज अमाउंट पर टैक्स भी लगेगा।
टीम इंडिया पर करोड़ों की बारिश
टी20 वर्ल्ड कप 2026 एडिशन के लिए आईसीसी ने 13.5 मिलियन डॉलर के रिकॉर्ड प्राइज पूल की घोषणा की थी। ये रकम 120 करोड़ भारतीय रुपये हो जाती है। ये रकम पिछले टूर्नामेंट के प्राइज पूल से लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा है।
टूर्नामेंट चैंपियन के तौर पर भारत को तीन मिलियन डॉलर मिले। ये भारतीय करेंसी में लगभग 27.48 करोड़ रुपये होते हैं। वहीं रनर-अप टीम न्यूजीलैंड को 1.6 मिलियन डॉलर मिले, जो लगभग 14.65 करोड़ रुपये होते हैं। इस प्राइज मनी को आमतौर पर बोर्ड के अंदरूनी फैसलों के हिसाब से खिलाड़ियों कोचिंग स्टाफ और क्रिकेट बोर्ड में बांट दिया जाता है।
भारतीय टैक्स कानून के तहत कॉम्पिटीशन से मिली प्राइज मनी दूसरे सोर्स से इनकम की कैटेगरी में आती है। इसी कारण से हर रकम पर एक फिक्स्ड रेट से टैक्स लगता है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अनुसार ऐसी जीती हुई रकम पर सेक्शन 115BB के तहत टैक्स लगता है। ये प्राइज मनी पर 30 प्रतिशत का फ्लैट टैक्स रेट लगाता है।
