फुटबॉल विश्व कप केवल दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिताओं में से एक नहीं है, बल्कि इसकी ट्रॉफी भी अपनी अनूठी पहचान रखती है। करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों का सपना इस ट्रॉफी को अपनी टीम के हाथों में उठते देखने का होता है। अब यह ट्रॉफी एक और वजह से चर्चा में है। सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण इसकी धातु आधारित कीमत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार फुटबॉल विश्व कप ट्रॉफी में मौजूद सोने का मूल्य अब लगभग 7 लाख 13 हजार डॉलर यानी करीब 6.73 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह मूल्यांकन वैश्विक वित्तीय बाजार से जुड़े आंकड़ों के आधार पर किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में कतर में आयोजित विश्व कप के दौरान जब अर्जेंटीना ने खिताब जीता था, तब इस ट्रॉफी में मौजूद सोने का मूल्य करीब 2 लाख 77 हजार डॉलर आंका गया था। यानी चार वर्षों से भी कम समय में इसकी कीमत दो गुने से अधिक बढ़ चुकी है।
बता दें कि वर्तमान विश्व कप ट्रॉफी का डिजाइन पहली बार वर्ष 1974 के टूर्नामेंट से पहले अपनाया गया था। उस समय ट्रॉफी में मौजूद सोने का मूल्य लगभग 25 हजार डॉलर के आसपास था। तुलना करें तो पिछले पांच दशकों में इसकी कीमत में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
फुटबॉल विश्व कप ट्रॉफी का निर्माण 18 कैरेट सोने से किया गया है। इसका कुल वजन 6.175 किलोग्राम है, जिसमें लगभग 4.93 किलोग्राम शुद्ध सोना शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में वैश्विक राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितता और दुनिया की धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। इसी वजह से सोने की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिली है।
धातु अनुसंधान विशेषज्ञ देबजीत साहा के अनुसार, भले ही हाल के दिनों में सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से कुछ नीचे आई हों, लेकिन लंबे समय में इसकी कीमत में हुई वृद्धि बेहद उल्लेखनीय रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए विश्व कप ट्रॉफी का महत्व केवल उसकी धातु कीमत से कहीं अधिक है, लेकिन इसमें मौजूद सोने का मूल्य यह दिखाता है कि वर्षों के दौरान कीमती धातुओं की कीमतें किस तरह बढ़ी हैं।
गौरतलब है कि विश्व कप ट्रॉफी दुनिया की प्रमुख खेल ट्रॉफियों में सबसे अलग मानी जाती है क्योंकि यह सोने से निर्मित है। इसके विपरीत यूरोप की प्रतिष्ठित क्लब प्रतियोगिताओं की ट्रॉफियां चांदी से बनी होती हैं। यूरोपीय चैंपियंस लीग और यूरोपा लीग की ट्रॉफियों का धातु मूल्य विश्व कप ट्रॉफी की तुलना में काफी कम बताया जाता है।
इसी तरह अमेरिका की कई प्रसिद्ध खेल ट्रॉफियां भी धातु मूल्य के मामले में विश्व कप ट्रॉफी से पीछे हैं। हालांकि कुछ ट्रॉफियां आकार और वजन में बड़ी हैं, लेकिन सोने के उपयोग के कारण विश्व कप ट्रॉफी का मूल्य उनसे कहीं अधिक है।
बता दें कि वर्ष 2026 का फुटबॉल विश्व कप 11 जून से शुरू हो चुका है। इस बार प्रतियोगिता में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो पिछले संस्करण की 32 टीमों की तुलना में काफी अधिक हैं। ऐसे में दुनिया भर की टीमें न केवल विश्व खिताब जीतने बल्कि खेल जगत की सबसे प्रतिष्ठित और मूल्यवान ट्रॉफियों में से एक को अपने नाम करने के लिए मैदान में उतर रही हैं।