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UP की Anushka Yadav का ‘Golden Throw’, दो बार National Record तोड़ Asian Games में बनाई जगह

भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेल 2026 के चयन मुकाबले में उत्तर प्रदेश की युवा हैमर थ्रो खिलाड़ी अनुष्का यादव ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने भारतीय एथलेटिक्स में नई उम्मीद जगा दी है। महज 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए एशियाई खेलों के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया।
बता दें कि इस प्रतियोगिता में देश की कई अनुभवी खिलाड़ी भी मैदान में थीं। इनमें 2022 एशियाई खेलों में सातवें स्थान पर रहीं तान्या चौधरी, दिल्ली की हर्षिता सहरावत, पंजाब की मनप्रीत कौर, राजस्थान की कुलविंदर और ओडिशा की दिव्या शांडिल्य शामिल थीं। कागजों पर तान्या चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन प्रतियोगिता में अनुष्का यादव ने सभी को पीछे छोड़ दिया।
मौजूद जानकारी के अनुसार अनुष्का ने अपने पहले प्रयास में 62.07 मीटर की थ्रो कर बढ़त बना ली। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 65.64 मीटर की दूरी तय करते हुए सरिता सिंह का 2017 से कायम 65.25 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसी थ्रो के साथ उन्होंने एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
हालांकि अनुष्का यहीं नहीं रुकीं। तीसरे प्रयास में उन्होंने 64.81 मीटर और अंतिम प्रयास में शानदार 67.02 मीटर की थ्रो कर एक बार फिर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने उन्हें देश की सबसे सफल महिला हैमर थ्रो खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया।
गौरतलब है कि अनुष्का उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बलेनी गांव से आती हैं। उनके पिता सुशील यादव स्वयं हैमर थ्रो खिलाड़ी रहे थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनका खेल करियर आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को इस खेल में आगे बढ़ाने का फैसला किया। अनुष्का को उनके पिता के साथ चिराग यादव और गगन यादव भी प्रशिक्षण देते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अनुष्का की पहली पसंद दौड़ प्रतियोगिता थी। वह 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लेना चाहती थीं, लेकिन पिता की सलाह पर उन्होंने हैमर थ्रो अपनाया। आज वही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
बता दें कि मार्च 2026 में अनुष्का एक गंभीर दुर्घटना का शिकार भी हुई थीं। खेत में ट्रैक्टर से जुड़ी एक दुर्घटना में उनके घुटने के स्नायु में गंभीर चोट आई थी। इस वजह से वह लगभग दो महीने तक अभ्यास नहीं कर सकीं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और छोटे-छोटे अभ्यास जारी रखे। चोट से वापसी के बाद सीधे राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना उनके संघर्ष और मेहनत की बड़ी मिसाल माना जा रहा हैं।
अनुष्का का कहना है कि भारत में भाला फेंक को लोग नीरज चोपड़ा की वजह से अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन हैमर थ्रो के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। उनका सपना है कि यह खेल भी देश में उतना ही लोकप्रिय बने और वह एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतें।
अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो अनुष्का की 67.02 मीटर की थ्रो एशियाई स्तर पर उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। हालांकि विश्व स्तर पर अभी भी कनाडा की विश्व और ओलंपिक चैंपियन कैमरिन रॉजर्स जैसी खिलाड़ियों का प्रदर्शन 80 मीटर से अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुष्का की उम्र और तकनीकी क्षमता को देखते हुए आने वाले वर्षों में वह 70 मीटर का आंकड़ा भी पार कर सकती हैं। फिलहाल भारतीय एथलेटिक्स को उनसे भविष्य में बड़ी उपलब्धियों की उम्मीदें हैं।

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