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PMCH Principal Dr. Singh पर एक्शन क्यों? सरकार का खुलासा- मंत्री के दौरे से गायब, Private Clinic में थे व्यस्त

डा० नरेन्द्र प्रताप सिंह, अधिसूचित प्राध्यापक, मनोरोग विभाग, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया द्वारा दिनांक-26.06.2026 को किये गये प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबंध में तथ्यात्मक प्रतिवेदन।
1. डा० नरेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि दिनांक-23.06.2026 को माननीय स्वास्थ्य मंत्री का पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, पटना में निर्धारित कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, जबकि अधीक्षक, पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, पटना के द्वारा दिनांक-22.06.2026 को लगभग 07:00 बजे अपराह्न में ही डा० सिंह से मोबाईल पर बातचीत कर सूचना दे दी गई थी।
2. डा० सिंह से मोबाईल पर बातचीत के क्रम में अधीक्षक के द्वारा डा० सिंह को सूचित किया गया था कि कार्यक्रम में माननीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत अधीक्षक के द्वारा किया जायेगा एवं अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य के द्वारा किया जायेगा तथा प्राचार्य द्वारा इस पर अपनी सहमति भी दी गई थी।
3. डा० सिंह के द्वारा छुट्टी के संबंध में कहा गया है कि उनके पुत्र के द्वारा विभागीय सचिव, अधीक्षक एवं अन्य पदाधिकारी को Whatsapp पर सूचना दी गई थी, जबकि डा० सिंह द्वारा जलने से संबंधित सूचना कार्यक्रम के समाप्त हो जाने के घंटों बाद दी गई थी। जिससे स्पष्ट है कि मीडिया में खबर आने के बाद डा० सिंह द्वारा अपने बचाव में Whatsapp पर उक्त सूचना सभी को दी गई।
4. डा० सिंह के कार्यक्रम से अनुपस्थित रहने के संबंध में सर्वप्रथम छद्म मरीज भेजकर इनके अपने निजी क्लिनिक में उपलब्ध रहने की जानकारी प्राप्त होने के उपरांत विभाग स्तर एवं जिला पदाधिकारी, पटना के स्तर से जाँच कराई गई। जाँच के क्रम में पाया गया कि प्राचार्य, पटना चिकित्सा महाविद्यालय, पटना का सरकारी वाहन डा० सिंह के निजी क्लिनिक के बाहर खड़ी है। क्लिनिक से निकलने वाले मरीजों के द्वारा बताया गया कि वे अभी थोडी देर पहले डा० नरेन्द्र प्रताप सिंह से ईलाज कराकर निकले हैं, जबकि डा० सिंह के द्वारा कहा गया है कि वे जल गये हैं एवं मोबाईल पर बातचीत करने में तत्समय असमर्थ थे। क्लिनिक के अंदर प्रवेश कर पूछे जाने पर उपस्थित कम्पांउडर द्वारा बताया गया कि डा० सिंह शाम में 07:00 बजे से मरीज देखेंगे, यदि मरीज को कल दिखाना है तो सुबह 09:00 बजे से 10:00 बजे, दोपहर में 02:00 बजे से 03:00 बजे एवं शाम में 07:00 बजे से 09:00 बजे तक मिलेंगे। इससे स्पष्ट है कि डा० सिंह कार्यालय अवधि में भी अपने निजी क्लिनिक में मरीजों को देखा करते हैं।
5. उपर्युक्त के आलोक में प्रथम दृष्टतया अपने कार्यों के प्रति लापरवाही, कर्तव्यहीनता, सरकारी संसाधनों का दुरूपयोग एवं अनाधिकृत अनुपस्थिति पाते हुए डा० सिंह को प्राचार्य के पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए प्राध्यापक, मनोरोग विभाग, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया में पदस्थापन किया गया है, जो केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से किया गया स्थानांतरण है तथा यह दंड की श्रेणी में नहीं आता है। पुनः इनके द्वारा अपने अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में विभाग को कोई अभ्यावेदन न देकर सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। डा० सिंह का यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली में निर्धारित प्रावधानों के प्रतिकूल है।
उक्त के संबंध में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन से उच्चस्तरीय जाँच कमिटी गठित कर डा० सिंह का पक्ष प्राप्त करते हुए विहित प्रक्रिया का पालन कर आगे की कार्रवाई की जायेगी। विभाग की स्पष्ट नीति है कि कर्तव्यहीनता तथा अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार योग्य नहीं है तथा दोषियों को चिन्हित कर विहित प्रक्रिया के तहत समुचित कार्रवाई की जायेगी।

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