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Women’s Day 2026: भारत की इन बेटियों ने मैदान से लेकर आसमान तक मचाई तबाही, खेल जगत में बढ़ाया देश का मान

8 मार्च को पूरी दुनिया में महिला दिवस मनाया जा रहा है। वहीं देश की आधी आबादी आज के दौर में किसी से कम नहीं हैं। देश की बेटियों ने हर क्षेत्र में देश का मान बढ़ाया है। साल 2025 में कुछ ऐसी महिला एथलीटहुईं हैं जिन्होंने मैदान की सीमाओं को लांघकर सफलता की एक नई इबादत लिखी है। क्रिकेट के मैदान से लेकर शतरंज की बिसात तक महिला खिलाड़ियों ने अपने हुनर का लोहा मनवाया है। हमारी इस खास रिपोर्ट में उन चुनिंदा महिलाओं के बारे में बताते हैं जो खेल जगत में सुपरविमेन बन कर उभरी हैं। 
स्मृति मंधाना
दुनिया की बेहतरीन महिला क्रिकेटरों में से एक भारत की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपने क्रिकेट करियर में कई उपलब्धियां अपने नाम की है। उन्होंने न केवल अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम इंडिया को पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का चैंपियन बनाया। खास बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महज 50 गेंदों में शतक जड़कर विराट कोहली के सबसे तेज भारतीय अंतर्राष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड ध्वस्त किया। उनके इसी असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्स विमेन ऑफ द ईयर 2025 के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। मंधाना ने वनडे वर्ल्ड कप 2025 के 9 मैचों में 54.25 की औसत से 434 रन बनाकर भारत की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बनी थीं।
शीतल देवी
जहां हम बिना हाथों के किसी भी काम को करने के बारे में सोच के भी डर जाते हैं वहां शीतल देवी देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी मिसाल बनी हैं। जम्मू-कश्मीर की शीतल देवी अब पैरा आर्चरी की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुकी हैं। 2025 में उन्होंने अपनी बादशाहत कायम की। इश बेटी ने साउथ कोरिया में आयोजित वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप 2025 में व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया था। शीतल देवी के हाथ नहीं हैं लेकिन वो पैरों और कंधों की मदद से अचूक निशाने के लिए पहचानी जाती हैं। उन्होंने महज 18 साल की उम्र में वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी को मात देकर देश को गोल्ड दिलाया था।
सुरुचि सिंह 
भारत के लिए निशानेबाजी की दुनिया में नया चेहरा बनकर उभरी सुरुचि सिंह ने साल 2025 की सबसे सटीक शूटर बनकर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने म्यूनिख और ब्यूनस आयर्स जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में लगातार तीन व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतकर गोल्डन ट्रेबल का दुर्लभ कारनामा कर दिखाया था। खास बात ये है कि सुरुचि वर्तमान में 10 मीटर एयर पिस्टल श्रेणी में दुनिया की नंबर-1 रैंकिंग वाली महिला निशानेबाज हैं। पेरू के लीमा में हुई आईएसएसएफ वर्ल्ड कप 2025 में जब भारती निशानेबाज सुरुचि सिंह ने महिलाओ की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता था। तब उन्होंने अपने ही देश की मनु भाकर को हराया था। 
दिव्या देशमुख
वहीं शतरंज जैसे खेल में पुरुषों का दबदबा होने के बावजूद दिव्या देशमुख ने शतरंज की दुनिया में बड़ा नाम कमाया है। दिव्या ने 2025 में इस खेल में अपनी चालों से दुनिया के दिग्गज ग्रैंडमास्टर्स को मात दी है। दिव्या ने जुलाई 2025 में जॉर्जिया के बाटुमी में आयोजित फिडे महिला शतरंज वर्ल्ड कप 2025 जीतकर इतिहास रचा था। दिव्या ने अनुभवी कोनेरू हम्पी को मात देकर ये खिताब अपने नाम किया था। इसके साथ ही दिव्या इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला बनी हैं। जिसके बाद उन्हें अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ द्वारा ग्रैंडमास्टर की उपाधि भी दी गई, जो भारतीय शतरंज के इतिहास में एक मील का पत्थर है। 

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