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मुझे यह पसंद नहीं, बीएमसी चुनावों के बीच सांप्रदायिक टिप्पणियों पर अजित पवार ने जताई चिंता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मंगलवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को सांप्रदायिक रंग दिए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने अपने धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में हर कोई समान रूप से नागरिक है। अजीत पवार ने एएनआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है। मैं धर्मनिरपेक्ष हूं। अंबेडकर की विचारधारा हमें यह नहीं सिखातीमुझे बस इतना कहना है कि हमारा देश इतना बड़ा है और इस देश में रहने वाले सभी लोग भारतीय हैंअगर कोई देशद्रोह कर रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए, इसके लिए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए

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बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा का हवाला देते हुए पवार ने कहा कि सभी को अपना काम दिखाने और करने का अवसर मिलना चाहिए। बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान में यही बात कही है और अन्य लोगों ने भी यही कहा है। पवार का यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि नए बीएमसी मेयरमहायुति समुदाय से होंगे, हिंदू होंगे और मराठी होंगे। मराठी मानुष को खतरे में होने के विपक्ष के दावों का खंडन करते हुए फडणवीस ने कहा कि मराठी समुदाय नहीं, बल्कि कुछ राजनीतिक ताकतें हैं जिनका अस्तित्व खतरे में है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र सभी मराठी लोगों का है, किसी एक समूह का नहीं।

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फडणवीस ने कहा कि मराठी लोगों का अस्तित्व खतरे में नहीं है। आपका अस्तित्व खतरे में है। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि आप पूरा महाराष्ट्र नहीं हैं। आप यहां अकेले मराठी नहीं हैं। मैं दोहराना चाहता हूं कि बीएमसी में केवल मराठी व्यक्ति ही सत्ता में होंगे। केवल मराठी ही नेतृत्व करेंगे। एआईएमआईएम नेताओं ने भी इन बयानों का जवाब दिया है, पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। भाजपा नेता नीतीश राणे ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में एक “हिंदू राष्ट्र” एक “इस्लामी राज्य” बन जाएगा।

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