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विपक्ष का गुब्बारा फूटा, PM Modi बोले- बिहार को नरेंद्र-नीतीश के विकास पर पूरा भरोसा

11 नवंबर को बिहार चुनाव के दूसरे चरण से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजद और कांग्रेस पर नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री के रूप में पहले नौ वर्षों के दौरान “बिहार की प्रगति में बाधा डालने” का आरोप लगाया और कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार ने बिहार के विकास के लिए तीन गुना ज़्यादा धन आवंटित किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा में कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री के रूप में पहले नौ वर्षों के दौरान, केंद्र में राजद-कांग्रेस की सरकार थी… उन्होंने लगातार बिहार के विकास में बाधा डाली। उन्होंने नीतीश कुमार को काम नहीं करने दिया… 2014 में, जब मुझे सेवा करने का अवसर मिला, तो बिहार में डबल इंजन की सरकार बनी। हमने बिहार के विकास के लिए तीन गुना ज़्यादा धन आवंटित किया।
 

नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब ये चुनाव शुरू हुआ था, तब आरजेडी और कांग्रेस के लोग फूलकर गुब्बारा हुए जा रहे थे। आरजेडी और कांग्रेस के नामदार आसमान पर पहुंच चुके थे, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान उनके गुब्बारे की हवा निकलनी शुरू हो गई, और पहले चरण के मतदान के बाद तो यह गुब्बारा पूरी तरह फूट गया है। अब आरजेडी और कांग्रेस का इकोसिस्टम, उनके समर्थक भी कह रहे हैं,  “फिर एक बार, एनडीए सरकार! उन्होंने कहा कि ये कांग्रेस के नामदार, छठी मैया की पूजा को, छठी मैया की साधना को नौटंकी कहते हैं। ये छठी मैया का अपमान है। इन लोगों को सजा मिलनी चाहिए? अब मैं आपसे आग्रह करता हूं, आपके पास मौका है, 11 नवंबर को अपने एक वोट से इन्हें सजा दीजिए।
मोदी ने साफ तौर पर कहा कि बिहार की जनता को नरेंद्र-नीतीश के ट्रैक रिकॉर्ड पर पूरा भरोसा है। विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए कहा कि ये लोग (कांग्रेस और आरजेडी वाले) दुनियाभर में घूमते-फिरते हैं, लेकिन अयोध्या नहीं जाते। इन्हें श्रीराम जी में आस्था नहीं है, ये राम जी के खिलाफ अनाप-शनाप बोलते हैं। इन लोगों को लगता है कि अगर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर लेंगे तो इनके वोट ही चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं तो काशी का सांसद हूं। मेरे लिए यह बड़े गर्व की बात है कि बनारस, संत रविदास जी की जन्मभूमि है। संत रविदास जी की जयंती पर मुझे कई बार वहां जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 10 साल पहले, बनारस की क्या स्थिति थी और आज वहां श्रद्धालुओं के लिए कितनी सुविधाएं हैं। जिसकी चर्चा न सिर्फ बनारस में, बल्कि बनारस के बाहर भी होती है।
 

प्रधानमंत्री ने हमला जारी रखते हुए कहा कि ये लोग अपने परिवार के अलावा किसी को नहीं मानते। कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर की राजनीति खत्म किया। क्योंकि बाबा साहेब अंबेडकर का कद कांग्रेस के शाही परिवार से ऊंचा था। इन्होंने बाबू जगजीवन राम जी को भी सहन नहीं किया, और सीताराम केसरी जी के साथ भी यही किया। बिहार के दिग्गज नेताओं का अपमान करना, यही शाही परिवार की राजनीति का असली खेल रहा है। बिहार के इस चुनाव में, कांग्रेस और आरजेडी के बीच की लड़ाई सबके सामने आ गई है। कांग्रेस–आरजेडी की दीवार टूट चुकी है, और इस टूटी दीवार पर ये लोग चाहे जितना पलस्तर कर लें… खाई और गहरी होती जा रही है। पलस्तर से अब कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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