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जंतर मंतर पर Sonam Wangchuk की हालत नाजुक, Hunger Strike के 16वें दिन 8.2 किलो घटा वजन और गिरा BP

राष्ट्रीय राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम घट गया तथा उनका रक्तचाप गिरकर 67 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने यह जानकारी दी।
उसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह कहते हुए केंद्र से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की कि ‘लोगों की जिंदगियां दांव पर लगी है।’
वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का आज 16वां दिन है तथा उनकी सेहत और बिगड़ गई है।

कॉजपा की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का रक्तचाप गिरकर 107/70 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 8.2 किलोग्राम घट गया।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर यहां जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का विरोध-प्रदर्शन सोमवार को 24वें दिन जारी रहा।
दीपके ने केंद्र से अपील की कि वह इस मुद्दे को ‘‘अहंकार की लड़ाई’’ न बनाएं और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान दे।

दीपके ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘वांगचुक की भूख हड़ताल का 16वां दिन है। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि वह इसे अहंकार की लड़ाई न बनाए, क्योंकि यहां इंसानी जिंदगियां दांव पर लगी हैं।’’
उन्होंने कहा,‘‘अपनी गलती मानना ​​कमजोरी की निशानी नहीं है। यह परिपक्वता, जवाबदेही और अपनी गलती सुधारने की इच्छा का संकेत है। हम बस जवाबदेही चाहते हैं।’’
कॉजपा के अनुसार, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।

माकपा सांसद अमरा राम ने आंध्र प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ प्रदर्शन स्थल का दौरा किया तथा मांगों का समर्थन किया। इन नेताओं ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च का भी समर्थन किया।
कॉजपा के अनुसार आप प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन के लिए अपना समर्थन दोहराया तथा एक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की मांग की। उसने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से जुड़े ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) के सदस्यों -नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन- ने विरोध स्थल पर एक अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।
आइसा ने एक बयान में कहा कि आतिशी ने भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों से मुलाकात की और लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताई, क्योंकि विद्यार्थी हफ़्तों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर है और सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

संगठन ने यह भी कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों की सेहत और बिगड़ गई है। लेकिन उसने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है।

इस संगठन ने मॉनसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की भी घोषणा की है।
कॉजपा का विरोध प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था, जबकि वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

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