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White House में सेल्समैन बनकर पहुंचे आसिम मुनीर, ट्रंप को बेचे 4 हजार करोड़ का 21वीं सदी का ‘सोना’

ट्रंप जब से दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं। तभी से पाकिस्तान उन्हें रिझाने में लगा हुआ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर हर वो पैंतरा आजमा रहे हैं जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को रिझाया जा सके। हाल ही में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर अमेरिका पहुंचे थे और ट्रंप से मुलाकात भी की थी। हालांकि इस मुलाकात से पहले ही आसिम मुनीर और शहबाज की घनघोर बेइज्जती हो गई थी। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर से मुलाकात से पहले करीब आधा घंटे से ज्यादा एक कमरे में इंतजार करवाया। जब शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर कमरे में बैठकर ट्रंप का इंतजार कर रहे थे, उसी वक्त ट्रंप दूसरे कमरे में बैठकर गप्पे मार रहे थे। 

आसिम मुनीर और शहबाज ट्रंप से मुलाकात के दौरान एक तोहफा लेकर पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक दोनों ने रेयर अर्थ मैटेरियल लकड़ी के बक्से में रखकर ट्रंप को सौंपा था। जैसे ही ये तस्वीरें दुनिया के सामने आई। इसे  लेकर कई तरह के दावे किए जाने लगे। बता दें कि ट्रंप को तोहफा वाला बॉक्स जब खोला गया तो उनमें से ऐसी चीजें निकली जिनकी कीमत और अहमियत दोनों ही बहुत बड़ी मानी जाती है। दरअसल, बॉक्स में बॉस्टेनजाइड और मोनाजाइड के टुकड़े थे। जिन्हें 21वीं सदी का सोना यानी रेयर अर्थ मिनिरल्स माना जाता है।  

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ मिनरल्स) पर बड़ी डील की है। लगभग 4 हजार करोड़ रुपए की इस डील के ब्रोकर पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर हैं। 25 सितंबर को मुनीर ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के साथ वाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ मुलाकात की थी। अब वाइट हाउस ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर इस मुलाकात का पूरा फोटो एलबम जारी किया है। बताया जाता है कि आर्मी चीफ मुनीर की पाक सेना की कंपनी फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गेनाइजेशन (एफडब्ल्यूओ) ने अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रैटेजिक मेटल्स को एक्सप्लोरेशन (खुदाई) के अधिकार सौंपे हैं। 

बलूचिस्तान में में अमेरिकी कंपनी इन दुर्लभखनिजों को निकालेगी। सूत्रों के अनुसार डील के 3 चरण हैं। पहला चरण 2025-2026 में होगा। इसमें पूरे बलूचिस्तान और खैबर के कुछ इलाकों में खुदाई का काम शुरू हो जाएगा और खनिजों का अमेरिका को एक्सपोर्ट किया जाएगा। पाक का अमेरिका झुकाव क्यों बलूच विद्रोही पाक के लिए बड़ा नासूर हैं। यहां पर निवेश करने से अमेरिका अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए फोर्स तैनात कर सकता है। बलूच विद्रोहियों से वही निपटेगा।

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