ईरान युद्ध ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी नौसेना का विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन इस वक्त एक खौफनाक और भयावह दौर से गुजर रहा है। ईरानी मीडिया तस्लीम न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया कि इस 1 लाख टन वजनी युद्धपोत पर तैनात अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन कमांडोस के बीच आपस में ही भीषण खूनी झड़प हो गई। दावा किया जा रहा है कि इस मारपीट और चाकूबाजी में सात अमेरिकी नौसैनिकों की मौत हो गई। जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय या फिर सेंट कॉम इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है।
इसे भी पढ़ें: North Korea ने US-South Korea सैन्य अभ्यास को युद्ध का पूर्वाभ्यास बताकर दी चेतावनी
दरअसल अमेरिका विमान वाहक पोत कई महीनों से समंदर में सिर्फ अपनी लोकेशन बदल रहा है। सैनिक लगातार मिल रही तैनाती की वजह से परेशान हो चुके हैं। ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने एक अज्ञात सैन्य स्रोत के हवाले से यह सनसनीखेज दावा किया। रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर प्री मेंबर्स के बीच तनातनी इतनी बढ़ चुकी है कि यह मामला लात घूंसों, पानी की बोतलों और चाकू छुरी से हमले तक पहुंच गया है। इस हिंसक टकराव में कथित तौर पर सात अमेरिकी नौसैनिकों ने अपनी जान गवा दी और कई अन्य लहूलुहान हो गए। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह खूनी झड़प तब शुरू होगी जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सटक कॉम का एक वरिष्ठ सलाहकार नौसैनिकों की बढ़ती शिकायतों और मानसिक तनाव का जायजा लेने यूएसएस लिंकन पर पहुंचा था। जब अधिकारी ने सैनिकों को संबोधित करना शुरू किया तो लंबे वक्त से गुस्से में उबल रहे नौसैनिकों ने उनकी जमकर वोटिंग की और उन पर पानी की बोतलें फेंक दी। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और अधिकारी के सामने सैनिक आपस में भिड़ गए। गौरतलब है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन 21 नवंबर को सैंड डिगो से रवाना हुआ था। जिसके बाद ईरान के साथ तनाव और लाल सागर में युद्ध के खतरे को देखते हुए इसे अचानक पश्चिम एशिया की ओर मोड़ दिया गया।
इसे भी पढ़ें: Sensex 300 अंक टूटा, शुरुआती कारोबार में Nifty में भी गिरावट दर्ज
महीनों से बिना ब्रेक के समंदर में रहते लगातार बढ़ते युद्ध के दबाव और कथित तौर पर डिप्रेशन और अपनी जान देने की कोशिशों के चलते क्रीम मेंबर्स का मानसिक संतुलन बिगड़ने की खबरें आ रही हैं। इसी मानसिक दबाव का नतीजा इस हिंसक झड़प को बताया जा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की अमेरिकी नौसेना या सटक कॉम की ओर से कोई पुष्टि अभी तक नहीं की गई। रक्षा एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेहरान की ओर से चलाया जा रहा एक साइकोलॉजिकल वारफेयर या प्रोपेगेंडा हो सकता है। जिसका मकसद अमेरिकी सेना के मनोबल को तोड़ना है। लेकिन इसके बावजूद इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि महीनों से जारी इस तैनाती ने अमेरिकी नौसैनिकों को भारी मानसिक तनाव में डाल दिया है। सच तो यह है कि अमेरिका अपने खिलाफ आने वाली किसी खबर का ना तो जल्दी पुष्टि करता है ना तो खंडन। क्या 1 लाख टन वजनीय अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर पर सच में अपनों ने ही अपनों पर चाकू चला दिए या तेहरान का यह कोई बड़ा नैरेटिव गेम है।