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इस्लामाबाद नहीं बनने देंगे…यूरोपीय देश का मुस्लिमों पर होश उड़ाने वाला ऐलान, पहली बार भारत हैरान!

यूरोप के एक देश ने मुस्लिमों पर ऐसा ऐलान किया है जिसने भारत समेत पूरी दुनिया को चौका दिया है। इस यूरोपीय देश ने ऐलान किया है कि वह जल्द ही नमाज के लिए दी जाने वाली अजान को बैन करने जा रहा है। आपको बता दें कि दिन में पांच बार लाउडस्पीकर से अजान दी जाती है। जिससे इस देश के लोगों को अब परेशानी हो रही है। यूरोप का यह ताकतवर देश जल्द ही सड़क पर पढ़ी जाने वाली नमाज पर भी बैन लगाने जा रहा है। जिस यूरोपीय देश की हम बात कर रहे हैं, वह डेनमार्क है। डेनमार्क के इमीग्रेशन मंत्री मॉर्टेन बुडस्कोव ने चेतावनी दी है कि अगर आजान और सड़कों पर हो रही नमाज को रोका नहीं गया तो हमारे देश के कुछ हिस्से इस्लामाबाद जैसे दिखने लगेंगे। यानी अब डेनमार्क के नेताओं को यह लगता है कि आज की आवाज और सड़कों पर जिस तरह से नमाज पढ़ी जाती है, उसके चलते डेनमार्क के शहर अब इस्लामाबाद जैसे दिखने लगे हैं। 

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इस घोषणा के साथ ही इमीग्रेशन मंत्री मोटेन बुस्कोव ने यह भी घोषणा कर दी कि सोशल डेमोक्रेटिक सरकार पूरे देश में नमाज पर रोक लगाने के मामले पर भी फिर से जांच शुरू करेगी। यानी पहले सड़कों पर नमाज बैन होगी। उसके बाद नमाज से पहले दिन में पांच बार लाउडस्पीकर से दी जाने वाली अजान को बैन किया जाएगा और बाद में जरूरत पड़ी तो पूरे डेनमार्क में नमाज को ही बैन कर दिया जाएगा। मंत्री मोटेन बोट्सको ने यह बात डेनमार्क की न्यूज़ एजेंसी रिडज़ाऊ से कही है। अब तो लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि लाउडस्पीकर से अजान पर रोक और सड़कों पर नमाज पर बैन का आईडिया डेनमार्क ने कहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तो नहीं सीखा। बहरहाल मंत्री बोस्कोव ने कहा है कि डेनमार्क में मस्जिदों से पांच बार दी जाने वाली आजान की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि डेनमार्क की छतों से आजान की आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए। डेनमार्क में इसकी कोई जगह नहीं है। अगर आप डेनमार्क में घूम रहे हैं तो आपको यह शक नहीं होना चाहिए कि कहीं आप इस्लामाबाद तो नहीं आ गए हैं। 

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वैसे आपको बता दें कि साल 2023 में डेनमार्क में इस्लाम विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मुसलमानों की पवित्र किताब कुरान की प्रतियां जलाई थी। इसके बाद पूरे देश ने मुस्लिम शरणार्थियों को निकालने के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। आपको बता दें कि डेनमार्क के अलावा स्वीडन में भी इस तरह की मांग उठ चुकी है। स्वीडन की डेपुटी प्राइम मिनिस्टर एबा बुश ने कहा था कि हमारे देश में इस्लाम को स्वीडिश मूल्यों के अनुकूल होना चाहिए। जो मुस्लिम हमारे साथ मिलकर नहीं रह सकते उन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा। 
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