नेपाल पुलिस द्वारा शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों से हेलीकॉप्टरों द्वारा 50 विदेशी नागरिकों सहित 796 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि इतने ही लोगों को जमीनी रास्ते से बचाया गया है। इस बीच, नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने स्पष्ट किया कि नेपाल के सुरक्षा बल स्वयं खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं, इसलिए फिलहाल देश को विदेशी खोज एवं बचाव टीमों की आवश्यकता नहीं है।
दूसरी ओर, पृथ्वी वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों क्रिस्टन कुक और डैन शुगर ने सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण करने के बाद बताया कि यह हादसा ग्लेशियर के ठीक नीचे स्थित चट्टान (बैडरॉक) के पूरी तरह ढह जाने से हुआ है। इस चट्टान के टूटने से ग्लेशियर की विशाल बर्फ की चट्टानें, भारी पत्थर और मलबा तीव्र गति से घाटी में आ गिरे, जिससे नदियों में भयानक बाढ़ और तबाही मच गई।
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