बलिया: एतिहासिक ददरी मेला
🎉 बलिया में एतिहासिक ददरी मेला इस वर्ष भी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक भव्यता के साथ पूरे उत्साह से चल रहा है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर सूचनाएं एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा मेले की शुरुआत से विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
📚 इस प्रदर्शनी में सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित किटें और जानकारी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही सूचना विभाग बलिया द्वारा प्रदिनिदिन सरकार की योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों से जुड़ा प्रचार-साहित्य बड़ी संख्या में मेलार्थियों को वितरित किया जा रहा है।
🗓️ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, लखनऊ से पंजीकृत 26 स्थानीय कलाकारों द्वारा तिथिवार लोक बिरहा गायन कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिन्हें देखने और सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। इस जहां प्रदिनिदिन लोकगीत, बिरहा, आल्हा सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति जारी है।
🎭 यह मेला की समाप्ति तिथि 07 दिसंबर तक चलेगा।
🌟 शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में विनोद यादव और परसूराज मणि देव यादव ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके गीतों पर मौजूद भीड़ मंत्रमुग्ध होकर तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाती नजर आई। ददरी मेला में इस तरह प्रदिनिदिन हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम ने केवला लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि पूर्वांचल की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को भी नई ऊर्जा दे रहे हैं। इस कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी पषभ देव त्रिपाठी, अरुण कुमार राव, रमाकांत चौहान, हरीश चंद्र, प्रभुनाथ, अभिषेक सिंह एवं विवेक उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।
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