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Ballia-गंगा जल लेकर निकली कलश यात्रा, लक्ष्मी नारायण महायज्ञ और श्री अभिषेक आत्मक रुद्र महायज्ञ शुरू

आतिश उपाध्याय, हल्दी, बलिया

🌟 हल्दी, बलिया। क्षेत्र के गायघाट कुआं नंबर-1 स्थित श्री मनराखन बाबा ब्रह्म स्थान परिसर में सोमवार को भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के साथ श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुषों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

🕉️ महायज्ञ का आयोजन यज्ञाधीश श्री श्री 1008 त्यागी जी महाराज के नेतृत्व में किया जा रहा है। यज्ञाचार्य श्री विवेक शुक्ल, नव्य व्याकरणाचार्य वाराणसी, वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं। श्री मनराखन ब्रह्म बाबा सेवा समिति के अनुसार प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11:30 बजे तक पूजन, दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक धार्मिक अनुष्ठान तथा शाम 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक कथा एवं लीला का आयोजन होगा।

📅 कार्यक्रम के तहत 2 जून को पंचांग पूजन एवं मंडप प्रवेश, 3 जून को वेदी पूजन, अरनी मंथन व हवन तथा 9 जून को यज्ञ पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन होगा।

🙏 महायज्ञ में वृंदावन से आए शांति पुत्र जी महाराज कथा का रसपान करा रहे हैं, जबकि बाल व्यास प्रज्वल शुक्ल (प्रसून जी) भी श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रवचनों से लाभान्वित करेंगे।

🌼 श्री अभिषेक आत्मक रुद्र महायज्ञ हेतु कलश यात्रा एवं शोभा यात्रा

🚩 दुबहर, बलिया। पांडेय के छपरा (उग्रसेनपुर) स्थित लखन बाबा की समाधि मठिया के समीप होने वाले नौ दिवसीय भव्य ‘श्री अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ’ का शुभारंभ सोमवार को सुबह बेहद भव्य और आकर्षक कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। पूरा क्षेत्र भक्तिमय के सागर में सराबोर नजर आया।

🕌 कलश यात्रा सर्वप्रथम यज्ञ मंडप स्थल से शुरू होकर पूरे गांव का भ्रमण करते हुए बसरिकपुर, विशुनपुरा, उग्रसेनपुर, सनातन पांडेय के छपरा, भीमपट्टी, दुबहर भरसर होते हुए पवित्र गंगा तट पर पहुंची। वहां काशी से पधारे मुख्य यज्ञाचार्य आचार्य लालजी शास्त्री के सानिध्य में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोचार पूर्वक यजमान आलोक सिंह, गुप्तेश्वर मिश्रा, मंजू देवी, भरत वर्मा, सत्यदेव मिश्रा, अल्गू यादव, ललिता देवी, लीलावती, संजीत यादव, अनीता, गोरख वर्मा, विजय मिश्रा, प्रेमा देवी, ममता देवी, सत्यदेव यादव के हाथों कलश में पवित्र गंगाजल भरा गया। जलभरी के बाद कलश यात्रा पुनः यज्ञ मंडप स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई।

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