📰 बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा बृहस्पतिवार को जयप्रकाश नारायण सभागार में “मनिपुर समस्या” विषय के अवसर पर एक कार्यक्रय का आयोजन किया गया।
📚 कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने 21 जनवरी 1972 को मनिपुर के पूर्ण राज्य बनने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्रीय एकता में पूर्वोत्तर भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी पहचान है और विद्यर्थियों का देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा एवं आर्थिक गतिविधियों जैसे शिल्पकला और हस्तकला से परिचित होना अत्यंत आवश्यक है।
🎓 कार्यक्रम संयोजक डॉ. रंजन मल के मार्गदर्शन में मनिपुर की संस्कृति, इतिहास एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु रंगोली, पोस्टर/चार्ट, क्विज एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रंगोली व पोस्टर प्रतियोगिता में लोकटक झील, संगाई हिरण, केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान, मणिपुरी नृत्य एवं हस्तशिल्प जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
🏆 क्विज एवं भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मणिपुर एवं पूर्वोत्तर भारत से संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मणिपुर की संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत मणिपुरी लोकनृत्य एवं नाट्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
🎤 सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
👨🏫 कार्यक्रम में कुलसचिव एस. एल. पाल, निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. पुष्पा मिश्रा, कुलानुशासक डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. प्रमोद शंकर पांडेय, डॉ. संदीप यादव सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। समापन सत्र में डॉ. अजय चौबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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