अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बड़ी उपलब्धि
🌍 बलिया। जनपद के मिश्रा नेवरी गांव के निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवम मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशन्स सम्मेलन (SMOPS 2026) में भाग लेकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। यह सम्मेलन 8 से 10 अप्रैल 2026 तक बेंगलुरु के ताज यशवंतपुर होटल में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिको, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
🚀 इस सम्मेलन का आयोजन ISRO के तत्वावधान में किया गया, जो अंतरिक्ष अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी संस्थाओं में से एक है। SMOPS 2026 का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष मिशन संचालन से जुड़े नवीनतम तकनीकी विकास, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था। शिवम मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण मंच पर “नमस्कार फाउंडेशन” के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया।
🛰️ उन्होंने इस अवसर को न केवल सीखने और समझने के लिए उपयोग किया, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से अंतरिक्ष तकनीक के उपयोग पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उनका मानना है कि अंतरिक्ष विज्ञान केवल वैज्ञानिको तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग समाज के विकास के लिए भी किया जाना चाहिए।
🔭 सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्वायत्त मिशन संचालन, डेटा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। शिवम मिश्रा ने इन विषयों पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई और यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार इन तकनीकों को भारत के सामाजिक और ग्रामीण ढांचे में लागू किया जा सकता है।
🌐 शिवम मिश्रा ने कहा कि “आज का समय नवाचार का है, और अंतरिक्ष तकनीक इस नवाचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। यदि हम इन तकनीकों को सही दिशा में उपयोग करें, तो यह न केवल हमारे देश की प्रगति को गति देगा, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने में भी सहायक होगा।”
🌟 उन्होंने यह भी कहा कि ISRO जैसी संस्थाएं, जो कम लागत में उच्च प्रभाव वाले मिशनों के लिए जानी जाती हैं, भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिला रही हैं। ऐसे में युवाओं को इन क्षेत्रों में आगे आकर योगदान देना चाहिए और देश के वैज्ञानिको के साथ मिलकर भविष्य निर्माण में भागीदारी करनी चाहिए।
🧑🚀 शिवम मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा, जहां उन्होंने वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों से सीखने का मौका प्राप्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस ज्ञान और अनुभव को अपने क्षेत्र में लागू करने का प्रयास करेंगे, जिससे स्थानी स्तर पर भी तकनीकी जागरूकता और नवाचार को बढ़ावा मिल सके। शिवम मिश्रा ने क्षेत्र के युवाओं से कहा कि “यदि हमारे पास सीखने की इच्छा, मेहनत करने का जज्बा और कुछ नया करने का संकल्प है, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। हमें अपने सपनों को सीमित नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए।”
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