आजकल खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण स्किन संबंधित समस्याएं बढ़ती ही जा रही है। जॉलाइन पर छोटे-छोटे दाने नजर आने से आपके चेहरे की खूबसूरती भी कहीं न कहीं खो जाती है। इसके लिए आप चेहरे पर महंगी क्रीम और सीरम लगाती होती हैं। हालांकि, कोई खास असर नहीं हो रहा है। इसके लिए शरीर की अंदरूनी सेहत पर भी निर्भर करती है। शरीर में जमे टॉक्सिंस और डाइजेशन से संबंधित गड़बड़ी का संकेत होते हैं। यदि आप भी महंगी दवाओं और केमिकल-भरपूर क्रीम्स की जगह नेचुरल तरीके अपनाएंगे तो इन दानों को कम किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं कैसे इन दानों से छुटकारा पाएं।
सुबह का रूटीन
सुबह खाली पेट एक गिलास पानी में नीम की पत्तियां, तुलसी और थोड़ी सी काली मिर्च उबालकर पीना फायदेमंद माना जाता है। नीम में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीपैरासिटिक गुण होते हैं, जो पेट में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं और कीड़ों को कम करने में मदद करते हैं। तुलसी पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, जबकि काली मिर्च शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होती है। नियमित सेवन से आंतों की सेहत सुधरती है और त्वचा पर होने वाले छोटे-छोटे दानों में भी धीरे-धीरे सुधार दिखाई दे सकता है।
सामग्री
– 1 गिलास पानी
– 1/4 चम्मच नीम पाउडर
– तुलसी के पत्ते- 4-5
– 1 चुटकी काली मिर्च
विधि
– इन सभी चीजों को पानी में मिलाकर उबाल लें।
– छानकर सुबह के बाद या मिड-मॉर्निंग में धीरे-धीरे पिएं।
शाम का रूटीन
शाम के वक्त आपको बस 1 गिलास पानी में अजवाइन और सौंफ उबालकर लेना है। ऐसा इसलिए क्योंकि सौंफ में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पाचन को दुरुस्त रखते हैं, गैस और सूजन को कम करते हैं, वहीं अजवाइन पेट में जमा कीड़ों और खराब बैक्टीरिया को खत्म करता है। यह ड्रिंक आंतों को साफ रखता है, मेटाबॉलिज्म सुधारता है और अंदरुनी गंदगी को बाहर निकालकर स्किन संबंधित समस्याओं को कम करता है।
सामग्री
– 1 गिलास पानी
– 1/4 चम्मच अजवाइन
– 1/4 सौंफ
विधि
– इन सभी चीजों को एक साथ पानी में मिलाकर 5 मिनट तक उबालें।
– इसे छानकर शाम को आराम से घूंट-घूंट कर पिएं।
रात का रुटीन
रात के समय सोने से पहले अरंडी तेल लेने से पेट के कीड़े बाहर निकलते हैं। यह आंतों की सफाई करता है और मैजिक क्लींजर की तरह काम करता है, जिससे पाचन तंत्र हल्का रहता है और शरीर अंदर से डिटोक्स करता है।
सामग्री
– अरंडी का तेल- 1 चम्मच
विधि
– 1 चम्मच अरंडी का तेल लें।
हफ्ते में एक बार का रूटीन
पपीते के बीजों को शहद के साथ सेवन करने से पेट की अंदरूनी सफाई में मदद मिलती है। यह मिश्रण पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है और पेट में जमा टॉक्सिक तत्वों तथा कीड़ों को बाहर निकालने में सहायक माना जाता है। साथ ही, यह आंतों को स्वस्थ रखने और उनकी कार्यक्षमता सुधारने में भी लाभदायक होता है।
सामग्री
– 1 चम्मच पपीते के बीज का पाउडर
– 1/2 चम्मच शहद
विधि
– इसके लिए पपीते के बीज का पाउडर और शहद को मिलाएं।
– अब गुनगुना पानी के साथ इसका सेवन करे।
यह आयुर्वेदिक रूटीन आपके पेट और त्वचा को साफ करती हैं और पाचन को भी सही रखता है। यदि आप प्रेग्नेंट हैं या किसी गंभीर बीमारी का दवा ले रहे, तो यह रुटीन फॉलो करन से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले।