खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण कई सारी बॉडी प्रॉब्लम बन जाती है। आजकल पीरियड्स के दौरान फर्टिलिटी से संबंधित काफी दिक्कतें देखने को मिलती है। खान-पान सही न होने के कारण और तनाव का अधिक बढ़ने से पीरियड और ओव्युलेशन अनियमित हो जाती है। कई बार कंसीव करने में काफी समस्या देखने को मिलती है।
लेकिन डाइट, और लाइफस्टाइल को सही से रखने से आप इन समस्याओं से बच सकती हैं। पीरियड्स को नियमित बनाने और फर्टिलिटी को सुधारने में कई योगासन मदद कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं आप कौन-सा योग करना चाहिए।
सुप्त बद्ध कोणासन कैसे करें?
इस आसन को करना बेहद आसान है ज्यादा मुश्किल नहीं है। अगर आप रुटीन में योगा नहीं करती हैं, तो आपको शुरुआत में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। वैसे आप इसे शुरुआत में किसी योगा ट्रेनर की निगरानी में कर सकती हैं।
– इसे करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधा बैठ जाएं।
– इसको आप सोने से पहले बिस्तर पर भी कर सकते हैं।
– अब आपको सांस छोड़ते हुए घुटनों के मोड़ना है और एड़ी को पेल्विक फ्लोर की तरफ ले जा सकता है।
– दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाकर घुटनों को तितली की तरह दोनों ओर खोलें।
– इस बात का ध्यान रखें कि पैरों के तलवे हमेशा एकदम जुड़े हुए होने चाहिए।
– एड़ियों को पेल्विक फ्लोर के जितना हो सके, उतना पास लाएं।
– रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें और हाथों को शरीर से थोड़ा दूर, हथेलियां की ओर रखें।
– सांस लेते हुए घुटनों को ऊपर की तरफ ले जाएं।
– आपको पेल्विक फ्लोर पर खिचाव महसूस होना चाहिए।
– इसके बाद पैरों को वापस पहली पोजीशन में ले आएं।
सुप्त बद्ध कोणासन के पीरियड्स और फर्टिलिटी के लिए फायदे
– इस आसन के करने से पीरियड्स में होने वाली परेशानियां दूर होने लगती है।
– सुप्त बद्ध कोणासन महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सुधारने में मदद मिलती है।
– यह पेल्विक फ्लोर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधरता है और इससे रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स तक सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंच जाती है।
– इससे पेल्विक फ्लोर का तनाव कम होता है।
– अगर आप इसे सोने से पहले करती हैं, तो स्ट्रेस कम हो जाता है।
– यह हार्मोनल इंबैलेंस को दूर करता है और ओव्युलेशन को हेल्दी बना सकता है।
– इससे शरीर रिलैक्स होता है और मेंटल हेल्थ बेहतर होती है।
– यदि आप कंसीव करने की प्लानिंग कर रही हैं, तो इसे रुटीन का हिस्सा जरुर बनाएं।