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New Zealand से हार के बाद रहाणे ने उठाए सवाल, वनडे टीम में बदलाव और भूमिका पर जताई चिंता

भारतीय क्रिकेट टीम के वनडे प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज है और इसी कड़ी में पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने टीम मैनेजमेंट को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-2 से वनडे सीरीज़ गंवाने के बाद रहाणे ने मौजूदा हालात को लेकर कुछ सख्त लेकिन ज़रूरी बातें कही हैं।
बता दें कि भारतीय टीम ने इस तीन मैचों की सीरीज़ की शुरुआत शुभमन गिल की कप्तानी में जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद खेले गए दोनों मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा और सीरीज़ न्यूजीलैंड के नाम चली गई। मौजूद जानकारी के अनुसार, विराट कोहली का अच्छा व्यक्तिगत प्रदर्शन भी टीम को सीरीज़ बचाने में मदद नहीं कर सका।
अजिंक्य रहाणे ने साफ तौर पर कहा कि भारत की हालिया वनडे परेशानियों की एक बड़ी वजह लगातार हो रहे बदलाव हैं। उनके मुताबिक, 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को सुरक्षा, स्पष्ट भूमिका और भरोसे की ज़रूरत है, जो फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। रहाणे ने कहा कि अगर मैनेजमेंट तय नहीं कर पा रहा कि किस खिलाड़ी को किस भूमिका में आगे बढ़ाना है, तो प्रदर्शन पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
गौरतलब है कि गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत वनडे फॉर्मेट में श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज़ हार चुका है, जिससे दिशा और निरंतरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रहाणे का मानना है कि अगर मैनेजमेंट खिलाड़ियों से खुलकर बातचीत करे और एक स्थिर योजना पर काम करे, तो नतीजे बेहतर हो सकते हैं।
उन्होंने घरेलू परिस्थितियों में हार को लेकर भी उम्मीदों का ज़िक्र किया। रहाणे के अनुसार, न्यूजीलैंड की टीम अपेक्षाकृत युवा और कम अनुभवी थी, फिर भी उसने भारतीय टीम को दबाव में रखा और मौके भुनाए। उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारत से स्वाभाविक रूप से 3-0 की जीत की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन मैदान पर तस्वीर अलग दिखी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, भारतीय टीम अब जुलाई 2026 तक कोई वनडे मैच नहीं खेलेगी, जब उसे इंग्लैंड दौरे पर जाना है। रहाणे का मानना है कि यह लंबा अंतराल टीम मैनेजमेंट के लिए एक अवसर हो सकता है, जिसमें वह आत्ममंथन कर सही खिलाड़ियों और सही संयोजन को तय कर सके।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रहाणे ने कहा कि अब समय है प्रक्रिया पर भरोसा करने का और यह तय करने का कि किन खिलाड़ियों को लंबे समय तक समर्थन दिया जाएगा। उनके अनुसार, सही संयोजन की पहचान कर उसे लगातार मौके देना ही आगे का रास्ता है और इसी सोच के साथ टीम को आगे बढ़ना होगा, ताकि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भारत एक मज़बूत और संतुलित इकाई के रूप में नजर आए।

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