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मुझे किसी की सहानुभूति नहीं चाहिए… बुची बाबू टूर्नामेंट में शतक जड़ने के बाद पृथ्वी शॉ का बयान

युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने बूची बाबू टूर्नामेंट में महाराष्ट्र के लिए शतकीय पारी खेली। साल 2018 में अपने टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाने वाले पृथ्वी शॉ का अनुशासनात्मक और फिटनेस के मुद्दों के कारण करियर लगभग डूब गया है। उनकी घरेलू राज्य इकाई मुंबई ने उन्हें बाहर कर दिया था। महाराष्ट्र में खेलने के बाद उन्होंने सत्र की बेहतरीन शुरुआत की। 
छत्तीसगढ़ के 252 रन बनाने के बाद पहली पारी की शुरुआत करते हुए पृथ्वी शॉ महाराष्ट्र के लिए असाधारण प्रदर्शन करने वाले थे। महाराष्ट्र की पहली पारी 217 रन पर सिमट गई। भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद पृथ्वी शॉ ने राष्ट्रीय योजना में अपनी जमीन खो दी है। उन्हें आईपीएल में कोई खरीददार नहीं मिला। इसके अलावा दलीप ट्रॉफी के लिए पश्चिम क्षेत्र की टीम में जगह बनाने में भी नाकाम रहे। अब टारगेट पूल सूची का भी हिस्सा नहीं हैं। मतलब पृथ्वी शॉ अब ऐसी जगह हैं, जहां उन्हें शून्य से शुरूआत करनी है। 
25 साल के पृथ्वी शॉ ने दिन के खेल के आखिर में द इंडियन एक्सप्रेस कोबताया कि, मुझे फिर से शून्य से शुरू करने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैं वहीं ऊपर रहा हूं मैं वहां नीचे गया हूं। मैं वापस ऊपर आ गया हूं। इसलिए मुझे लगता है कि सब कुछ संभव है। मैं क बहुत ही आत्मविश्वासी लड़का हूं। अपने आप में, अपने काम की नैतिकता पर भरोसा करता हूं। मुझे लगता है कि, मुझे उम्मीद है कि ये सीजन मेरे लिए मेरी टीम के लिए वास्तव में अच्छा जाएगा। 
 
बता दें कि, पृथ्वी के लिए क्रिकेट के मैदान पर पिछले कुछ साल काफी खराब रहे। भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद उनका बल्ला खामोश नजर आया। कई वजह से उन्हें आलोचकों ने अपने निशाने पर बनाया। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में उन्हें कई पूर्व क्रिकेटर्स का सपोर्ट मिला। 
साथ ही पृथ्वी ने कहा कि, सोशल मीडिया आजकल काफी खराब है। मैं उससे दूर रहकर खुद को ज्यादा शांत महसूस करता हूं। इस दौरान जब शॉ से पूछा गया कि, उन्हें शतक पर किसी पूर्व खिलाड़ी या साथी से बधाई मिली? इस पर उन्होंने कहा कि, नहीं मुझे किसी की हमदर्दी नहीं चाहिए। मेरे परिवार और दोस्त मेरे साथ हैं। जब मैं मानसिक रूप से ठीक नहीं था तब भी वे मेरे साथ खड़े थे।  

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