विश्व कप 2026 में स्पेन ने आखिरकार वह प्रदर्शन कर दिखाया जिसका उसके प्रशंसकों को इंतजार था। पहले मुकाबले में अपेक्षाओं के अनुरूप खेल नहीं दिखा पाने वाली यूरोपीय चैंपियन टीम ने इस बार सऊदी अरब के खिलाफ पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरते हुए 4-0 की शानदार जीत दर्ज की। युवा स्टार लामिन यामाल और अनुभवी स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबाल इस जीत के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं।
गौरतलब है कि स्पेन ने अपने पहले मुकाबले में केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित बराबरी खेली थी। उस मैच में टीम का आक्रमण काफी फीका नजर आया था और खिलाड़ियों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। लेकिन सऊदी अरब के खिलाफ स्पेन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और मुकाबले को एकतरफा बना दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कोच लुइस दे ला फुएंते के लिए यह मुकाबला और भी खास रहा क्योंकि उनके 65वें जन्मदिन पर टीम ने शानदार जीत का तोहफा दिया है। पिछले दो महीनों में चोट के कारण सीमित फुटबॉल खेलने वाले युवा खिलाड़ी लामिन यामाल को इस बार शुरुआती एकादश में मौका मिला और उन्होंने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया है।
मुकाबले के शुरुआती मिनटों से ही यामाल ने अपनी गति और कौशल से सऊदी अरब की रक्षण पंक्ति को परेशान करना शुरू कर दिया था। 10वें मिनट में स्पेन को सफलता मिली जब मिकेल ओयारजाबाल के शानदार पास पर यामाल ने गेंद को गोल में पहुंचाकर टीम को बढ़त दिला दी। यह उनके करियर का पहला विश्व कप गोल भी रहा है।
पहला गोल होने के बाद स्पेन का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम लगातार आक्रमण करती रही और सऊदी अरब की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाती रही। 20वें मिनट के आसपास एक कोने से मिले अवसर पर आयमेरिक लापोर्टे ने गेंद को मिकेल ओयारजाबाल की ओर बढ़ाया, जिन्होंने मौके का फायदा उठाकर दूसरा गोल कर दिया।
इसके कुछ ही मिनट बाद स्पेन ने एक और शानदार मूव तैयार किया। पेड्रो पोरो, मार्क कुकुरेला और दानी ओल्मो की बेहतरीन तालमेल से बनी चाल का अंत फिर ओयारजाबाल ने गोल के साथ किया। इस गोल ने साबित कर दिया कि सही समर्थन मिलने पर वह स्पेन के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।
पहले हाफ में ही 3-0 की बढ़त बनाने के बाद स्पेन पूरी तरह नियंत्रण में आ गया था। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी टीम ने दबाव बनाए रखा। एक कोने से मिले अवसर पर मार्क कुकुरेला का शॉट सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने रोक लिया, लेकिन गेंद रक्षक हसन अल तंबाक्ती से टकराकर गोल में चली गई और स्पेन को चौथा गोल मिल गया।
इसके बाद स्पेन ने अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने के लिए बदलाव किए। लामिन यामाल और मिकेल ओयारजाबाल को मैदान से बाहर बुला लिया गया, लेकिन टीम का नियंत्रण पूरे मुकाबले में बना रहा। सऊदी अरब को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं मिल सका।
मैच के बाद मिकेल ओयारजाबाल ने कहा कि वह खुद को किसी के सामने साबित करने के लिए नहीं खेलते हैं। उनके अनुसार टीम, कोचिंग स्टाफ और साथी खिलाड़ियों का भरोसा ही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं लामिन यामाल ने अपने पहले विश्व कप गोल को सपने के सच होने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि पिछला विश्व कप वह कक्षा में बैठकर देख रहे थे और अब परिवार की मौजूदगी में विश्व कप में गोल करना उनके लिए बेहद खास पल है।
इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप एच में चार अंक हासिल कर लिए हैं और नॉकआउट चरण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। वहीं सऊदी अरब के पास दो मैचों में केवल एक अंक है। स्पेन का यह प्रदर्शन बाकी टीमों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि यूरोपीय चैंपियन अब अपनी लय में लौट चुके हैं और खिताब की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।