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Sports Ministry ने 20 सदस्यीय National Sports Election Panel बनाया

(देर रात चलाई गई स्टोरी नए सिरे से रिपीट)
नयी दिल्ली, 11 सितंबर खेल मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को 20 सदस्यीय राष्ट्रीय खेल निर्वाचन पैनल (एनएसईपी) का गठन किया जिसमें भारत के दो पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त भी शामिल हैं। यह पैनल राष्ट्रीय खेल महासंघों में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। इस पैनल का गठन संसद द्वारा 2025 में पारित राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के तहत अनिवार्य किया गया था।

मंत्रालय की राजपत्र अधिसूचना में कहा गया, ‘‘राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 की धारा 16 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और राष्ट्रीय खेल प्रशासन (कठिनाइयों का निवारण) आदेश, 2026 के साथ पठित करते हुए केंद्र सरकार राष्ट्रीय खेल निकायों के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के संचालन की निगरानी के लिए निर्वाचन अधिकारियों के रूप में कार्य करने के उद्देश्य से उक्त अधिनियम की धारा 16 के तहत राष्ट्रीय खेल निर्वाचन पैनल के सदस्यों को अधिसूचित करती है।’’
पैनल में शामिल पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्तों में अचल कुमार ज्योति और सुनील अरोड़ा हैं। ज्योति का एक वर्ष का कार्यकाल 2018 में समाप्त हुआ था जबकि अरोड़ा ने 2018 से 2021 तक लंबा कार्यकाल पूरा किया था। पूर्व निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय भी पैनल के वरिष्ठ सदस्यों में शामिल हैं।

पैनल में भारत के तीन पूर्व उप निर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना, सुधीर त्रिपाठी और उमेश सिन्हा भी हैं। इस साल जिन प्रमुख खेल संस्थाओं के चुनाव होने हैं उनमें भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) सहित अन्य शामिल हैं। एनएसईपी अपने पैनल में शामिल अधिकारियों में से एक निर्वाचन अधिकारी को नामित करेगा जो खेल निकायों की कार्यकारी समितियों के साथ-साथ खिलाड़ी आयोगों के चुनावों के संचालन की निगरानी करेगा।

एनएसईपी के पैनल का रिकॉर्ड राष्ट्रीय खेल बोर्ड द्वारा रखा जाना है। हालांकि राष्ट्रीय खेल बोर्ड का गठन अभी नहीं हुआ है और उसमें पदों के लिए आवेदन की समय सीमा एक से अधिक बार बढ़ाई जा चुकी है। खेल मंत्रालय ने एक अन्य अधिसूचना में राष्ट्रीय खेल पंचाट (एनएसटी) में पदों के लिए आवेदन जमा करने की समय सीमा एक महीने बढ़ाकर 11 अक्टूबर कर दी है।

यह सातवां मौका है जब समय सीमा बढ़ाई गई है और इससे एनएसटी के गठन में देरी जारी है। इसके गठन के बाद एनएसटी देश में खेल से जुड़े सभी विवादों की सुनवाई करेगा जिससे खेल प्रशासन और चयन प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाले लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवादों का अंत होने की उम्मीद है।

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