![]()
Breaking News
📰 कलेक्टरेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला…
📰 जनपद में बहुप्रतीक्षित जिला कारागार निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी…
📰 कलेक्टरेट सभागार में बुधवार को सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों एवं निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों का…
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स समूह आर्थिक आकार के मामले…
पूरे देश की नजर पश्चिम बंगाल से भाग रहे बांग्लादेशियों पर थी। लेकिन ये अवैध…
रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन का वो बड़ा बयान जहां उन्होंने साफ कर दिया कि भारत…
पांच आंखों वाले खुफिया गठबंधन जिसे फाइव आईज के नाम से पहचाना जाता है, उसकी…
पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के जवाब में भारत ने साफ कर दिया है…
रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने इस बड़े हॉल में बैठकर भारत और पीएम मोदी…
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि मॉस्को भारत और चीन के बीच…
इंग्लैंड की लीग को अक्सर दुनिया की सबसे मजबूत लीग माना जाता है, लेकिन इस बार यूरोप की बड़ी प्रतियोगिता में तस्वीर कुछ अलग नजर आई।
बता दें कि प्रीमियर लीग के छह क्लब अंतिम 16 चरण तक पहुंचे थे, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा था। मौजूद जानकारी के अनुसार इससे यह संकेत मिल रहा था कि इंग्लैंड के क्लब इस बार पूरी तरह हावी रहेंगे, लेकिन आगे की तस्वीर उतनी मजबूत नहीं रही।
गौरतलब है कि इन छह टीमों में से चार क्लब जल्दी ही बाहर हो गए, जिनमें मैनचेस्टर सिटी, चेल्सी, न्यूकैसल यूनाइटेड और टॉटनहम हॉटस्पर शामिल रहे। इन मुकाबलों में इंग्लिश टीमों ने कुल 18 गोल किए, जबकि 30 गोल खाए, जो उनके प्रदर्शन पर सवाल खड़े करता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार इन टीमों को बाहर करने वाले क्लब कोई नए नाम नहीं थे। रियल मैड्रिड, बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड जैसे स्पेन के अनुभवी क्लबों ने अपने अनुभव और रणनीति के दम पर मुकाबले अपने नाम किए हैं।
गौरतलब है कि इन मुकाबलों में सबसे बड़ा अंतर खेल के तरीके में नजर आया है। जहां इंग्लैंड की टीमें तेज गति और लगातार हमले पर भरोसा करती हैं, वहीं स्पेनिश टीमों ने संतुलन और सही समय पर फैसले लेने की रणनीति अपनाई। यह अंतर खासकर नॉकआउट मुकाबलों में साफ दिखाई देता है, जहां एक छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है।
बताते चलें कि रियल मैड्रिड ने मैनचेस्टर सिटी को आसानी से हराया, जबकि बार्सिलोना ने न्यूकैसल के खिलाफ आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया है। वहीं एटलेटिको मैड्रिड और टॉटनहम के बीच मुकाबला भले ही रोमांचक रहा, लेकिन अंत में स्पेनिश टीम ज्यादा संतुलित नजर आई।
मौजूद जानकारी के अनुसार आर्थिक रूप से इंग्लैंड की लीग दुनिया में सबसे आगे है, जहां टीवी अधिकारों से बड़ी कमाई होती है। इसके मुकाबले स्पेन की लीग की कमाई कम है, लेकिन इसके बावजूद मैदान पर प्रदर्शन में यह अंतर उतना नजर नहीं आया।
गौरतलब है कि स्पेन के क्लबों ने अपने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया है, जो बड़े मुकाबलों में भी आत्मविश्वास के साथ खेलते नजर आए। दूसरी ओर इंग्लैंड की टीमों के पास बेहतर संसाधन और गहराई होने के बावजूद कई बार खेल में संतुलन की कमी दिखी।
