Breaking News

Tilak Varma ने Duleep Trophy में जड़ा शतक, कहा- Test Cricket खेलना खून में रचा बसा

प्रत्येक युवा खिलाड़ी की तरह भारत की टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा का सपना भी टेस्ट क्रिकेट में खेलना है और उनका मानना है कि खेल का सबसे लंबा प्रारूप उनके खून में रचा बसा है। तिलक ने दक्षिण क्षेत्र की तरफ से उत्तर क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 116 और नाबाद 51 रन बनाकर लाल गेंद की क्रिकेट (लंबी अवधि का प्रारूप) में फिर से अपनी काबिलियत साबित की। उनके इस शानदार प्रदर्शन से दक्षिण क्षेत्र फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा।

तिलक ने अपनी टीम की जीत के बाद कहा, ‘‘मुझे शुरू से ही लाल गेंद से क्रिकेट खेलना पसंद रहा है। मैंने कभी भारत के लिए सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन ईश्वर की यही इच्छा थी। मैंने भारत के लिए टी20 और वनडे में पदार्पण किया है, लेकिन लाल गेंद की क्रिकेट मेरा मजबूत पक्ष रहा है।’’ तिलक पिछले तीन वर्षों में 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच और पांच वनडे मैच खेल चुके हैं, लेकिन बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि इसके बावजूद वह लगातार लाल गेंद से अभ्यास करते रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: दलीप ट्रॉफी: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के 92 रन, पूर्व क्षेत्र 266 पर सिमटकर स्कोर बराबर

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कड़ी मेहनत की है। शायद जब मैं 10 साल का था तब से मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं और अब मैं 23 साल का हूं। मुझे आईपीएल की वजह से सफेद गेंद वाले प्रारूप में चुना गया।

इसे भी पढ़ें: दलीप ट्रॉफी: पूर्वी क्षेत्र ने मध्य क्षेत्र को 266 रन पर समेटा, 15 वर्षीय सूर्यवंशी ने कुछ देर की कप्तानी

लेकिन उससे पहले मैंने लाल गेंद की क्रिकेट में काफी अनुभव हासिल कर लिया था।’’ तिलक ने कहा, ‘‘लंबी अवधि का प्रारूप मेरा मजबूत पक्ष रहा है और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। यह कुछ ऐसा है जो हमेशा से मेरे खून में रहा है।’’ तिलक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में व्यस्त होने के कारण वह घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त मैच नहीं खेल पा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अभी मैं देश के लिए टी20 और वनडे मैचों में खेल रहा हूं, लेकिन मुझे लाल गेंद से क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त होने के कारण मेरे पास घरेलू स्तर पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का बहुत ज्यादा समय नहीं है। मैं पिछले तीन-चार वर्षो से रणजी ट्रॉफी में खेलने का प्रयास कर रहा था।’’ तिलक ने कहा, ‘‘लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैचों के व्यस्त कार्यक्रम की वजह से मुझे समय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए मैं जितना संभव हो सके उतना लाल गेंद की क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि मैं उसमें रन बनाकर भारतीय टेस्ट टीम में भी जगह बनाना चाहता हूं।

Loading

Back
Messenger