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Budget में किसान दूरबीन से ढूंढ रहा राहत, Akhilesh Yadav बोले- America से ‘डील’ नहीं, ‘ढील’ हुई

समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र में भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए उस पर विदेशी आयात पर निर्भरता बढ़ाकर भारतीय कृषि को संकट में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कृषि से संबंधित हर चीज विदेश से आयात की जाएगी, तो देश के किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि किसान क्या उगाएंगे, क्या बेचेंगे और अपनी मेहनत की कमाई से अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे।
 

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यादव ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि बजट आने से पहले और बाद में भी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बात हो रही थी। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा की सरकार से जानना चाहता हूं कि कितने देश बचे हैं जिनसे मुक्त व्यापार समझौता नहीं कर पाए हैं। सपा नेता ने दावा किया कि अमेरिका के साथ डील नहीं, ढील हुई है। अगर यही डील होनी थी तो 11 महीने इंतजार क्यों करवाया गया। 
उन्होंने भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 18 प्रतिशत शुल्क और अमेरिकी उत्पादों पर भारत में शून्य शुल्क का हवाला देते हुए कटाक्ष किया कि हमारे देश की जनता जानना चाहती है कि शून्य बड़ा है या 18? क्या भाजपा का गणित यह है कि शून्य और 18 बराबर हैं? उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सब कुछ विदेश से आएगा तो देश के किसान क्या उगाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट दिशाहीन है और इसे लेकर कोई दृष्टिकोण नहीं है कि 2047 तक भारत कैसे विकसित बनेगा। 
 

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यादव का कहना था कि इस बजट में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि किसान और मजदूर बजट में अपने लिए मिली राहत को दूरबीन से देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ‘‘प्रधान संसदीय क्षेत्र’’ वाराणसी में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। यादव ने दावा किया कि वाराणसी में वहां लगभग 100 मंदिरों को तोड़ दिया गया है। नेपाल नरेश की ओर भेंट किया गया घंटा भी लापता है।

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