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उत्तराखंड में ढोंगी साधुओं के खिलाफ अभियान ऑपरेशन कालनेमि जोर-शोर से चल रहा है। शुक्रवार को देहरादून में एक बांग्लादेशी समेत 25 ढोंगी बाबाओं को पकड़ा गया। हरिद्वार पुलिस ने इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए धर्मनगरी में 13 फर्जी बाबाओं को पकड़ा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने ऑपरेशन कालनेमि का स्वागत किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उत्तराखंड में ऑपरेशन कालनेमि के आदेश दिए। राजधानी देहरादून में ऑपरेशन कालनेमि के पहले दिन 25 फर्जी बाबाओं को पकड़ा गया।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन ‘कालनेमि’ के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 50 से ज़्यादा ऐसे कालनेमि (फर्जी बाबा) गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें 7-8 ऐसे लोग भी हैं जो बाबा का वेश धारण किए दूसरे धर्मों के हैं। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और कार्रवाई की जा रही है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने इस अखबार को बताया कि इस अभियान में विभिन्न थाना क्षेत्रों में साधुओं और संतों के वेश में घूम रहे संदिग्धों की पहचान की गई।
एसएसपी सिंह ने कहा कि मैं खुद नेहरू कॉलोनी गया और इन लोगों से पूछताछ की। चूँकि उनके पास ज्योतिष या आध्यात्मिक मार्गदर्शन का कोई प्रमाण पत्र नहीं था, इसलिए उन्हें जनता को धोखा देने का दोषी माना गया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ज़्यादातर लोग भारत के दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। बांग्लादेशी नागरिक, जिसकी पहचान रुकन रकम उर्फ शाह आलम (26) के रूप में हुई है, को सहसपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
