सुप्रीम कोर्ट ने 30 साल पुराने जमानत मामले में सुनवाई की
⚖️ सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई की, जिसमें 30 साल पहले के जमानत मामले पर विचार किया गया। इस मामले में, जमानत की शर्तों को लेकर कई कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई। न्यायालय ने कहा कि जमानत की प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता है ताकि न्याय का उचित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
🕵️♂️ न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता में एक बेंच ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि जमानत मामलों को समय पर निपटाना अनिवार्य है। बेंच ने यह भी सुझाव दिया कि जमानत की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए ताकि सभी पक्षों को उचित अवसर मिल सके।
📜 मामले में सुनवाई के दौरान, पक्षकारों ने जमानत के मुद्दे पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक मामले लम्बित रहना न्याय का अपमान है और इससे संबंधित व्यक्तियों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
👨⚖️ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई का आश्वासन दिया और कहा कि न्यायालय इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा। यह निर्णय भविष्य में जमानत मामलों की सुनवाई प्रक्रिया को सुधारने में मदद करेगा।
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