🌍 लखनऊ/बलिया। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने विधान सभा में नियम 51 के अंतर्गत रसड़ा की बंद चीनी मिल को चालू करने एवं नियम 301 के अंतर्गत बलिया-गाजीपुर जनपद के टोंस नदी पर बने जर्जर हो चुके रिंग बंधे को बनाने की मांग की।
🏢 जनपद बलिया के रसड़ा में उद्योग के नाम पर पूर्व में चीनी मिल स्थापित थी। यहां के किसानों को गन्ना विक्रय करने में आसानी होती थी। जनपद के अतिरिक्त गाजीपुर के कासिमाबाद एवं बाराचंवर मौ के जनपद के रतनपुरा के किसानों का गन्ना भी पेराई के लिए रसड़ा चीनी मिल में आता था। उक्त चीनी मिल को पूर्व में सपा सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। वर्षों से चीनी मिल बंद होने के कारण जनपद बलिया गाजीपुर मौ के गन्ना किसान अपनी गन्ना की फसल को पेराई के लिए विक्रय करने आजमगढ़ के सठियाव एवं मौ के घोसी चीनी मिल को ले जाना पड़ता है।
🚜 दोनों चीनी मिल जनपद से 70 से 100 किलोमीटर पर स्थित है जिससे किसानों को समुचित लाभ नहीं मिल पाता है। विधायक ने चीनी मिल को चलाए जाने की मांग किया जिससे लाखों किसानों का फायदा हो सके। कहा कि रसड़ा अंतर्गत बहने वाली टोंस नदी से प्रति वर्ष बाढ़ से किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ती है। टोंस नदी गाजीपुर से बलिया तक बने रिंग बंधे में दो पांच पांच सौ गैप छोड़ दिए जाने के कारण इसी रास्ते बाढ़ का पानी सरायभारती, अतरसुमा, मुस्तफाबाद, कोप, खुजहा, बेसवान, तिराहीपुर, प्रधनापुर, फिरोजपुर, कोंडरा, मिर्जापुर, लऊआ आदि गांवों में फैल जाता है। यहां की कृषिभूमि जलमग्न होने के कारण इन गांवों का अस्तित्व भी खतरे में है।
🌊 कभी भी कटान होने की स्थिति में यह गांव टोंस नदी में विलीन हो सकते हैं। इस पर विगत दस बारह वर्षों से कोई कार्य नहीं किए जाने से ठोकरें अपनी उपस्थिति खो चुकी हैं। इस ज्वलंत मुद्दे को पिछले सत्र में चर्चा के लिए रखी गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। उमाशंकर सिंह ने कहा कि इस जनहित के कार्य को किया जाना अति आवश्यक है।
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