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Travel Tips: तनाव और Burnout से चाहिए राहत? भारत में Sleep Tourism बन रहा है नया Wellness Mantra

आज की आधुनिक लाइफस्टाइल में तनाव और अनिद्रा एक वैश्विक समस्या बन चुकी है। आमतौर पर जब लोग घूमने के लिए जाते हैं, तो थकान मिटाने के लिए जाते हैं। लेकिन इन दिनों पर्यटन का एक बिल्कुल नया रूप देखने को मिल रहा है। जिसको ‘स्लीप टूरिज्म’ कहा जा रहा है। वहीं कुछ लोग अब छुट्टियों का मतलब सिर्फ पहाड़ों की चढ़ाई या फिर समुद्र किनारे पार्टी करना नहीं, बल्कि सुकून की गहरी नींद लेने के लिए घूमने जा रहे हैं।
स्लीप टूरिज्म के बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए दुनिया भर के बड़े रिसॉर्ट्स और होटल अब ‘स्लीप पैकेज’ भी देते हैं। यहां पर मेहमानों को सोने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए कमरे दिए जाते हैं। इन कमरों में शरीर के तापमान के अनुसार ढलने वाले स्मार्ट गद्दे, कमरों में शोर को सोखने वाली दीवारें और हवा को शुद्ध करने वाली चीजें लगाई जाती हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अब ‘बर्नआउट’ से बचते हैं। साथ ही ऐसी जगहों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां पर फोन बंद रहे और लोग अपनी ‘स्लीप डेट’ को चुका सकें।

स्लीप टूरिज्म में क्या है खास

यह होटल ‘स्लीप कंसीयज’ होते हैं। जोकि आपकी नींद के पैटर्न के आधार पर आपको सही सुगंध और सही तकिए का सुझाव देते हैं।
वहीं मेहमानों को सोने से पहले विशेष गाइडेड मेडिटेशन, हर्बल चाय और ‘व्हाइट नॉइज’ मशीनों की सुविधा दी जाती है। यह बाहरी शोर को शून्य कर देती हैं।
इसके अलावा कुछ रिसॉर्ट्स तो ‘स्लीप लैब’ की सुविधा देते हैं। जहां पर डॉक्टर आपकी नींद की गुणवत्ता की जांच कर आपको बेहतर सेहत के टिप्स देते हैं।

बढ़ रही है अनोखे ट्रेंड की मांग

डिजिटल स्क्रीन और वर्क-फ्रॉम-होम के बहुत ज्यादा उपयोग ने लोगों की नेचुरल ‘सर्कैडियन रिदम’ को बिगाड़ दिया है। ऐसे में गहरी नींद लेना और आसान से सोना सबसे लग्जरी लाइफस्टाइल माना जा रहा है।
ऐसे में अधिकतर पर्यटक फोटो खींचने वाली भीड़-भाड़ वाली जगहों की जगह किसी शांत जगहों पर पैसा खर्च करना चाहते हैं, जहां पर उनको मानसिक शांति मिले।
हेल्थ एक्सपर्ट अच्छी नींद को अब बड़े स्वास्थ्य निवेश के रूप में देखते हैं।

कहां कर सकते हैं स्लीप टूरिज्म

भारत में आप केरल, ऋषिकेश और कुर्ग जैसे शांत इलाकों में ‘स्लीप रिट्रीट्स’ की मांग तेजी से बढ़ी है। यहां पर प्रकृति के बीच सोने का एक्सपीरियंस मिलता है।
यह केंद्र आयुर्वेद और योग निद्रा का सहारा लेकर अनिद्रा के रोगियों को बिना दवा के प्राकृतिक तरीके से सुलाने का अभ्यास कराते हैं।
हिमालय की गोद में स्थित कई होमस्टे अब ‘डीप स्लीप’ के साथ ‘डिजिटल डिटॉक्स’ के अनुभव को जोड़कर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

स्लीप टूरिज्म क्यों जरूरी

बता दें कि यह सिर्फ एक लग्जरी ट्रेंड नहीं है, बल्कि हमारे शरीर की जरूरतों के प्रति बढ़ती जागरुकता का भी संकेत है। वहीं अगर आप हर सुबह थकान के साथ उठते हैं। ऐसे में शायद आपको घूमने की बजाय अच्छे से ‘सोने’ की जरूरत है। बहुत से लोगों के लिए ट्रेवल का उद्देश्य सिर्फ बाहरी दुनिया को देखना नहीं बल्कि अपने अंदर के उथल-पुथल को समझना हो गया है। एक अच्छी नींद न सिर्फ आपके मूड को सुधारती है, बल्कि आपकी क्रिएटिविटी और प्रोडक्टिविटी को कई गुना तक बढ़ा देती है।

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