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Vietnam से BrahMos डील लगभग फाइनल, ब्रह्मोस चीफ जयतीर्थ जोशी बोले- बातचीत आखिरी दौर में

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के प्रमुख जयतीर्थ जोशी ने गुरुवार को कहा कि वियतनाम के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के एक्सपोर्ट के लिए बातचीत आखिरी दौर में है और डील पूरी होने से पहले बस कुछ मंज़ूरी मिलनी बाकी है। नागपुर में सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल प्रोग्राम के लिए बनाए गए 100वें स्वदेशी बूस्टर को हरी झंडी दिखाने के बाद जोशी ने कहा कि संभावित एक्सपोर्ट के लिए कई अन्य देशों के साथ भी बातचीत चल रही है। उन्होंने एएनआई को बताया, वियतनाम के साथ एक्सपोर्ट के लिए बातचीत लगभग आखिरी दौर में है, बस कुछ छोटी-मोटी मंज़ूरी मिलनी बाकी है। हम पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों के कई अन्य देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। सरकार की मंज़ूरी मिलते ही हम इस बारे में खुलकर जानकारी देंगे।

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उनके ये बयान विदेश मंत्रालय के पूर्व सचिव (पूर्व) पी. कुमारन के 6 मई को दिए गए उस बयान के एक महीने बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में वियतनाम भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बना हुआ है और ‘भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी 2030 के लिए संयुक्त विज़न स्टेटमेंट’ के तहत ब्रह्मोस सहित कई रक्षा प्लेटफॉर्म पर बातचीत जारी है। मिसाइल सिस्टम में लागत कम करने और स्वदेशी सामान का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिशों के बारे में बात करते हुए जोशी ने कहा कि पिछले 18 महीनों में ‘वैल्यू इंजीनियरिंग’ पहलों से काफी बचत हुई है। उन्होंने कहा, पिछले डेढ़ साल में वैल्यू इंजीनियरिंग के ज़रिए लागत में काफी कमी आई है। कच्चे माल की लागत में लगभग 24 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग और कंपोनेंट की लागत में करीब 10 प्रतिशत की कमी आई है। कुल मिलाकर, अगले एक से दो वर्षों में भारतीय कंपोनेंट की लागत में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है।

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जोशी ने मिसाइल प्रोग्राम के लिए भविष्य की डेवलपमेंट योजनाओं के बारे में भी बताया, जिसमें ब्रह्मोस-एनजी (BrahMos-NG) और एक्सटेंडेड-रेंज वेरिएंट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एडवांस्ड कंपोजिट मटीरियल का इस्तेमाल करके हल्की मिसाइल डिज़ाइन विकसित करने पर रिसर्च चल रही है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के प्रमुख ने ANI को बताया, “भविष्य के डेवलपमेंट में ब्रह्मोस-एनजी और एक्सटेंडेड-रेंज वेरिएंट पर काम शामिल है, साथ ही कंपोजिट मटीरियल का इस्तेमाल करके हल्की डिज़ाइन बनाने पर भी रिसर्च की जा रही है। डिज़ाइन वैलिडेशन और सिमुलेशन स्टडीज़ पूरी होने के बाद फाइनल स्पेसिफिकेशन्स तय किए जाएंगे।

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