वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के वार्षिक सम्मेलन में इस साल कूटनीतिक optics (नजारे) काफी चर्चा में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को दावोस के मंच से अपने बहुचर्चित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के आधिकारिक गठन की घोषणा की। जहाँ इस पहल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखे, वहीं भारत ने इस पूरे आयोजन और ‘बोर्ड’ से दूरी बनाकर दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया है।
दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान शांति बोर्ड के चार्टर की घोषणा करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि मध्य पूर्व अब शांतिपूर्ण है। उन्होंने आठ संघर्षों के समाधान के अपने दावे को दोहराते हुए संकेत दिया कि एक और समझौता जल्द ही हो सकता है। उनका इशारा रूस-यूक्रेन युद्ध की ओर था, जिसे उन्होंने शुरू में सरल समझा था, लेकिन जो अब तक का सबसे कठिन संघर्ष साबित हुआ है। ट्रम्प ने “भयानक” क्षति का हवाला देते हुए कहा कि पिछले महीने लगभग 29,000 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता आगे बढ़ रही है, जो स्टीव विटकॉफ द्वारा पहले दिए गए बयान से मिलती-जुलती है।
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