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मौलाना पर ED का एक्शन, लंदन में साजिश, यूपी के मदरसे से ले रहा था सैलरी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश के मूल निवासी और कई वर्षों से यूनाइटेड किंगडम में रह रहे मदरसे के शिक्षक शम्सुल हुदा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा की गई जांच के बाद मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जिसमें कथित तौर पर विदेश में रहते हुए सरकारी वेतन और पेंशन लाभ प्राप्त करना, विदेशी संस्थाओं से संदिग्ध संबंध और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन शामिल हैं।

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विदेश में रहते हुए सरकारी वेतन का लाभ

जांच में पता चला कि शम्सुल हुदा को 12 जुलाई, 1984 को आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। हालांकि, 2007 में विदेश चले जाने के बावजूद, उन पर आरोप है कि उन्हें निम्नलिखित लाभ मिलते रहे:
नियमित वेतन वृद्धि
बिना सत्यापन के सरकारी लाभ
2017 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की स्वीकृति
सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान अनिवार्य सेवा रिकॉर्ड सत्यापन नहीं किया गया, जिससे आरोपी को विदेश में रहते हुए भी सरकारी धन प्राप्त होता रहा।

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धार्मिक शिक्षा की आड़ में फैला रहा था कट्टरपंथ

मौलाना धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहा था और अवैध फंडिंग नेटवर्क चला रहा था। उसने अपनी एनजीओ ‘राजा फाउंडेशन’ और निजी खातों के जरिए मदरसों में पैसे भेजे। आजमगढ़ और संत कबीर नगर में दो मदरसे भी स्थापित किए थे, जिनका पंजीकरण बाद में रद्द कर दिया गया। उसके पाकिस्तान स्थित कट्टरपंथी संगठनों से संपर्क होने की आशंका है।

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