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Ballia-जिला अस्पताल में बच्चे के इलाज के नाम पर 9 हजार रुपए की वसूली का आरोप, जांच के आदेश

📰 बलिया: जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर बेहद गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, गरीब परिवार के एक बच्चे के इलाज के नाम पर निजी मेडिकल स्टोर पर ₹9 हजार जमा करने को कहा गया। लेकिन, न तो सर्जरी हुई और न ही पैसे वापस किए गए। पीड़ित पक्ष ने इसे अनुचित बताते हुए कार्रवाई की मांग की है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

🩺 रामपुर महावल निवासी हरिकृष्ण उर्फ फागू राम ने बताया कि ग्राम गोनियाचपरा निवासी 7 वर्षीय विकास कुमार साइकिल से गिरकर घायल हो गया था। 3 जनवरी 2026 को उसे जिला अस्पताल बलिया में भर्ती कराया गया, जहां हड्डी वार्ड के बेड नंबर 19 पर उसका इलाज शुरू हुआ। जांच में बच्चे के हाथ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। पीड़ित का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर करण सिंह चौहान और एनस्थीसिया से जुड़े डॉक्टर उज्ज्वल प्रकाश सिंह ने 7 फरवरी 2026 को ऑपरेशन करने की बात कही और संजीवनी मेडिकल स्टोर पर ₹9,000 जमा कराने को कहा। जब गरीब परिवार ने असमर्थता जताई, तो सीएमएस के माध्यम से दबाव बनाते हुए पैसे जमा कराने को कहा गया, अन्यथा वाराणसी रेफर करने की धमकी दी गई।

💊 बच्चे के परिजनों का कहना है कि 7 फरवरी को पूरा दिन ऑपरेशन का इंतजार किया गया, लेकिन दिन ढलने पर डॉक्टरों ने कह दिया कि अस्पताल में ऑपरेशन के संसाधन नहीं हैं और बच्चे को ले जाएं। परिवार का कहना है कि संसाधन नहीं थे तो भर्ती क्यों लिया गया और निजी मेडिकल स्टोर पर पैसे क्यों जमा कराए गए।

🗓️ पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि 8 फरवरी को वार्ड में बुलाकर डॉक्टर करण सिंह चौहान ने धमकी दी कि कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा। परिवार का आरोप है कि अनुचित जाति से होने के कारण परिवार को प्रताड़ित किया गया।

🧑‍⚕️ मामले को लेकर मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी बलिया, एसएसपी/एसटीआई आयोग, मानवाधिकार आयोग और स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजी गई है। इस पूरे मामले में प्रभारी सीएमओ डॉ. विजय यादव ने कहा कि शिकायत संज्ञान में आई है और मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इलाज, निजी मेडिकल स्टोर्स से कथित साठगांठ और गरीब मरीजों की मजबूरी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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