📰 बलिया। प्रधानंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में कलेक्टर सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 623 प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें विकासखंड गड़वार में 62, सोहांव में 08, रेवती में 08 तथा चिलकहर में 04 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विकासखंड अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
📊 साथ ही बिना सत्यापन के 250 अपात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि का भुगतान किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से यह भुगतान हुआ है, उनके वेतन से रिकवरी करने का आदेश दिया।
📈 समीक्षा में यह भी सामने आया कि 27 आवास मृतक व्यक्तियों के नाम पर आवंटित किए गए हैं, 80 आवास जमीनी विवाद के कारण लंबित हैं तथा 31 आवास न्यायालय में विचाराधीन हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विकासखंड अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पेंडिंग आवास मामलों का तत्काल निस्तारण कराया जाए और 623 आवासों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया।
🔍 उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📢 कॉन्वर्जेंस की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लाभार्थियों के शौचालय, विद्युत कनेक्शन तथा उज्ज्वला योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका डाटा तुरंत अपडेट किया जाए। साथ ही मनरेगा योजना के अंतर्गत आवास लाभार्थियों को दी जा रही मजदूरी की भी विस्तृत जानकारी ली गई।
🏠 आवास प्लस सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों को सर्वे में पात्र अथवा अपात्र घोषित किया गया है, उसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रदर्शित करने के माध्यम से खुली बैठक कर सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किन कारणों से किसी का नाम आवास सूची से हटाया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश, सभी विकास खंड अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
📊 ग्राम्य विकास विभाग की धीमी प्रगति पर कारर्वाई के निर्देश बलिया। ग्राम्य विकास, पंचायती राज एवं नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें कई विकासखंडों में खराब प्रगति पाई गई। इस पर संबंधित विकासखंडों के बीडीओ को लापरवाही पर कारर्वाई की जाएगी।
🔍 सामुदायिक निबंध निधि में हनुमानगंज, बेलहरी एवं चिलकहर की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। वहीं लखपति दीदी योजना में हनुमानगंज, बेलहरी, चिलकहर एवं दुबहर में खराब प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
📊 जीरो पावर्टी प्रगति में चिलकहर, पंढा, नवानगर एवं नगरा में कार्य की गति धीमी पाई जाने पर तेजी लाने को कहा गया। पंचायती भवन निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि अभी तक 62 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इनमें हनुमानगंज में 4, सोहांव में 2, दुबहर में 3 तथा अन्य विकास खंडों में एक-एक पंचायत भवन अपूर्ण हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 31 जनवरी तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की स्थिति में संबंधित खंड विकास अधिकारी जिम्मेदार होंगे। साथ ही पंचायत भवनों में कार्यरत पंचायत सहायकों की उपस्थिति व स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी गई। डीएम ने निर्देश दिए कि 940 ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायकों की प्रोफाइल अपडेट की जाए, रिक्त पदों व नियुक्ति प्रक्रिया की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही सभी पंचायत भवनों में सीसीटीवी कैमरा व वाई-फाई संचालित सुनिश्चित करने को कहा गया।
📈 वित्तीय वर्ष 2025-26 के पंचम एवं 15वें वित्त आयोग की प्रगति में विकास खंड सोहांव, पंढा एवं नवानगर में खराब स्थिति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रगति 90 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम पंचायतों में आरारसी केंद्रों के निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सामुदायिक शौचालय निर्माण में 27 ग्राम पंचायतों में अब तक कार्य पूर्ण नहीं होने पर चिंता जताई गई।
📊 इनमें दुबहर में 08, सोहांव में 06, बेलहरी में 04, बांसडीह में 03, नगरा में 01 एवं रसड़ा में 01 शामिल हैं। भूमिगत न होने के कारण निर्माण अधूरा होने पर जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई तो संबंधित बीडीओ, एसडीएम एवं लेखपाल का वेतन रोकने की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
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