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UCC बिल पास होने के बाद 6 जुलाई से Assam का Budget Session, सदन में हंगामे के आसार

असम विधानसभा सचिवालय की एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, 16वीं असम विधानसभा का बजट सत्र 6 जुलाई से शुरू होगा। इसमें बताया गया है कि असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (1) के तहत यह आदेश जारी किया, जो राज्यपाल को सदन बुलाने का अधिकार देता है। सूचना के अनुसार, बजट सत्र 6 जुलाई को सुबह 9:30 बजे दिसपुर स्थित विधानसभा कक्ष में शुरू होगा। इससे पहले, 27 मई को असम विधानसभा ने BJP के नेतृत्व वाले NDA और विपक्षी दलों के बीच लंबी बहस के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पारित किया था। इस बिल का मकसद धर्म से परे शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक समान नागरिक कानूनी ढांचा बनाना है।

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इसके साथ ही, उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम पूर्वोत्तर का पहला और देश का तीसरा भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्य बन गया है जिसने ऐसा कानून पास किया है। हालांकि, पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन के समय से ही गोवा में भी कॉमन सिविल लॉ लागू है। यह बिल बहुविवाह पर रोक लगाता है और दूल्हे के लिए 21 साल और दुल्हन के लिए 18 साल की कानूनी उम्र तय करता है। इसमें शादी और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है, साथ ही नियमों का पालन न करने पर समय-सीमा और जुर्माने का भी प्रावधान है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, यह कानून रीति-रिवाजों की पूरी आज़ादी देकर सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करता है। इसमें वैदिक विवाह, अहोम चकलोंग, सप्तपदी, आशीर्वाद, निकाह, होली यूनियन और आनंद कारज जैसे किसी भी मौजूदा धार्मिक समारोह या रीति-रिवाज से शादी करने की अनुमति है।

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यूसीसी बिल 25 मई को राज्य विधानसभा में पेश किया गया था, जिसमें बहुविवाह पर रोक लगाने और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव था। राज्य कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से विधानसभा में ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड असम बिल 2026’ पेश किया। बीजेपी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र में असम में UCC लाने का वादा किया था। राज्य कैबिनेट ने इस महीने की 13 तारीख को हुई अपनी पहली बैठक में इस बिल को मंज़ूरी दी थी।

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