बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को ज़मानत दे दी। यह कदम कोर्ट के उस पुराने आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगा दी गई थी जिसके तहत म्हात्रे को ज़मानत मिली थी। म्हात्रे को 6 जुलाई को डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उसके साथियों के साथ गिरफ़्तार किया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा म्हात्रे की ज़मानत मंज़ूर करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के एक दिन बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
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म्हात्रे और उसके तीन साथियों को 8 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था। यह गिरफ़्तारी डोंबिवली के शास्त्री नगर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में दो डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ सदस्यों पर कथित तौर पर हमला करने के एक दिन बाद हुई थी। यह हमला एक शिकायत के बाद हुआ था, जिसमें कहा गया था कि गर्भावस्था से जुड़ी दिक्कतों वाली नौ महीने की गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया था, क्योंकि सरकारी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में कोई बेड उपलब्ध नहीं था। सोशल मीडिया पर हमले का CCTV वीडियो वायरल होने के बाद, इस घटना को लेकर मेडिकल जगत में भारी आक्रोश फैल गया।