राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस पर BJP के साथ “जुगलबंदी” का आरोप लगाया। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद जोथीमणि ने बुधवार को कहा कि AAP को अपनी ओछी राजनीति बंद करनी चाहिए और सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने एएनआई से कहा कि AAP को अपनी ओछी राजनीति बंद करनी चाहिए और बड़ी तस्वीर देखनी चाहिए… विपक्ष के तौर पर, हम सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा। यह बयान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा था। आतिशी ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी और BJP के नेतृत्व वाली सरकार के बीच “जुगलबंदी” का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि जहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को एक महीने तक नजरअंदाज किया गया, वहीं प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के प्रदर्शन के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने बातचीत शुरू कर दी।
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एक्स पर एक पोस्ट में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने लिखा, “यह कमाल है! CJP और सोनम वांगचुक: जंतर-मंतर पर एक महीने से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। मोदी सरकार उनसे बात करने से इनकार करती है। राहुल गांधी: उन्हें PM आवास के बाहर विरोध करने की इजाज़त मिल जाती है। एक घंटे में ही मोदी सरकार बातचीत शुरू कर देती है। वाह! क्या जुगलबंदी है! इसके अलावा, जोथीमणि ने राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्ताधारी सरकार पर देश की व्यवस्था को बर्बाद करने और छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा पहले दिन से ही छात्रों, कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन की क्या मांग रही है? देश में कुछ असाधारण हालात हैं। हर पेपर लीक हुआ है… BJP ने खुद हर सिस्टम को तोड़ दिया है। उन्हें अब हमारे बच्चों के भविष्य की कोई परवाह नहीं है। हर तरफ पूरी तरह से अराजकता है… पहले ही एक बड़ा घोटाला हो चुका है; यह किसकी देखरेख में हुआ? शिक्षा मंत्री की देखरेख में हुआ। तो क्या कोई जवाबदेही नहीं है?”
बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन किए। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में 20 जुलाई को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी व अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की।